भिंड:ग्राम गौरई स्थित सिद्ध बाबा आश्रम पर प्रवाहित हो रही श्रीमद् भागवत कथा के मध्य आयोजित प्रेस वार्ता में अंतरराष्ट्रीय वैदिक शास्त्रार्थ विजेता, पीठाधीश्वर डॉ. प्रेम अवतार नागाजी सरकार ने गौ रक्षा को लेकर संत समाज एवं सनातनियों को सख्त निर्देश दिए। नागाजी सरकार ने कहा कि संत समाज और समस्त सनातनियों को मेरा स्पष्ट निर्देश है कि हर हाल में गौरक्षा करनी ही पड़ेगी। जो संत गौ रक्षा एवं गौ सेवा से विमुख हैं, वे तत्काल प्रभाव से स्वयं को महंत और महामंडलेश्वर कहना-लिखना बंद कर दें।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “यदि गौ सेवा से उदासीन संत अपनी उपाधियों का परित्याग नहीं करते हैं तो आगामी महाकुंभ में नागा अखाड़ा परिषद ऐसे संतों का सार्वजनिक बहिष्कार करेगा। सनातन धर्म में गौ सेवा सर्वोपरि है और इससे विमुख व्यक्ति संत पद का अधिकारी नहीं हो सकता।” समाज के धर्म प्रेमी जनों से मार्मिक अपील करते हुए नागा जी महाराज ने कहा कि “नशा, व्यसन एवं अन्य फिजूल खर्चों में कटौती कर भूख-प्यास से व्याकुल, मार्गों पर भटकती गौ माता के लिए चारा-पानी की व्यवस्था में धन व्यय करें।” जब गौ माता सुखी एवं संतुष्ट रहेगी, तभी इस धरती पर मनुष्य सुखी रह सकेगा। गौ माता की सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है”।
