जयपुर 12 मई (वार्ता) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने उच्चतम न्यायालय के प्रदेश के स्कूलों में राजस्थानी भाषा को अनिवार्य करने के निर्णय को ऐतिहासिक एवं स्वागत योग्य बताया है।
श्री गहलोत ने मंगलवार कोे अपने बयान में कहा कि उन्हें गर्व है कि हमारी कांग्रेस सरकार ने 25 अगस्त 2003 को विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर मारवाड़ी, मेवाड़ी, ढूंढाड़ी, हाड़ौती, मेवाती, बृज, वागड़ी, मालवी और शेखावाटी जैसी समृद्ध बोलियों सहित ‘राजस्थानी भाषा’ को संवैधानिक दर्जा दिलाने की जो मुहिम शुरू की थी, आज उसे बड़ी मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि मातृभाषा में शिक्षा मिलने से प्रदेश के बच्चों का अपनी जड़ों से जुड़ाव और गहरा होगा। अब केंद्र सरकार को भी बिना देरी किए राजस्थानी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कर अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।
