
नीमच। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में नीमच जिले को विकास की एक बड़ी सौगात मिली है। राज्य सरकार ने बहुप्रतीक्षित खुमानसिंह शिवाजी जलाशय (ठीकरिया तालाब) सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के निर्माण हेतु 163.95 करोड़ रुपये की भारी भरकम प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस महत्वपूर्ण निर्णय से जिले के किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
परियोजना के अंतर्गत डेम की ऊंचाई में 1 मीटर की वृद्धि की जाएगी, जिससे जल भंडारण क्षमता बढ़ेगी और नीमच तहसील के मेलकी मेवाड, पालसोडा, बामनिया, पिपलिया व्यास, केनपुरिया, सकरानी, मालिया, रातडिया, डांसिया, सकरानी, अडमालिया, रामपुरिया, डसानी, बिसलवास बामनिया, कानाखेडा, बिसलवास सोनीगरा, बोरखेडी पानेडी, रेवली देवली सहित लगभग 22 गांवों की लगभग 5200 हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। पाइपलाइन आधारित प्रेशराइज्ड सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के माध्यम से खेतों तक सीधे पानी पहुंचाया जाएगा, जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी तथा कम लागत में फसलों का उत्पादन बढ़ सकेगा।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना चंबल नदी के जल का उपयोग कर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करेगी। साथ ही जल संरक्षण, कृषि उत्पादन वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। ग्रामीण अंचलों में इस फैसले से समृद्धि और खुशहाली की नई उम्मीद जगी है।
विशेष बात यह है कि इस परियोजना में पहली प्राथमिकता पेयजल, दूसरी सिंचाई और तीसरी औद्योगिक उपयोग को दी जाएगी। इससे झांझरवाड़ा और कराडिय़ा महाराज क्षेत्र में स्थापित हो रहे उद्योगों के लिए भी जल संकट काफी हद तक समाप्त होगा, जिससे औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
विधायक दिलीपसिंह परिहार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट एवं केबिनेट का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दी गई करोड़ों की यह सौगात क्षेत्रवासियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी तथा किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। चंबल के पानी का सही उपयोग कर हम क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाएंगे।
