
नीमच। जिले के मनासा नगर में कोर्ट परिसर के बाहर सोमवार शाम दो पक्षों के बीच वैवाहिक विवाद को लेकर जमकर पत्थरबाजी हुई। घटना से मुख्य मार्ग पर अफरा-तफरी मच गई। दहशत के कारण दुकानदारों ने अपने शटर गिरा दिए और राहगीर जान बचाकर भागते नजर आए।
घटना का एक वीडियो देर रात सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पत्थर चलाते दिख रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से चार को जेल भेज दिया गया है।
ससुराल पक्ष बहु को रखने से कर था मना
जानकारी के अनुसार, विवाद ग्राम मालाहेड़ा निवासी एक युवती के विवाह से जुड़ा है, जो चार साल पहले सावन कुंड में हुआ था। ससुराल पक्ष युवती को अपने साथ ले जाने को तैयार नहीं था। इसी विवाद के सिलसिले में सोमवार शाम युवती का मामा मनासा कोर्ट पहुंचा था, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते कहासुनी पत्थरबाजी में बदल गई।
पुलिस ने सभी को गिरफ्तार किया
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सडक़ पर उत्पात मचा रहे लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में जयपाल, प्रताप, बंशीलाल, मुकेश, मदनलाल, प्रहलाद और जगदीश (सभी बंजारा समाज के विभिन्न ग्रामों के निवासी) को गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया।
मनासा एसडीएम किरण आंजना ने कहा कि सार्वजनिक स्थान पर शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि सात लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिनमें से चार को जेल भेजा गया है।
दोनों पक्षों पर क्रॉस एफआईआर दर्ज
पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की शिकायतों पर क्रॉस एफआईआर दर्ज की है। पहले पक्ष की कैलाशी बाई (सावन कुंड) की रिपोर्ट पर पप्पू, गोपी, सोनू, सरवन और नाहर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
वहीं, दूसरे पक्ष के सोनू बंजारा (मालाहेड़ा) की शिकायत पर रवि, इंदर सिंह, कैलाशी बाई और अर्जुन के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ। एसडीएम न्यायालय के आदेश पर मुकेश पिता जोर सिंह बंजारा (निवासी दाता), प्रहलाद पिता अमर सिंह बंजारा (निवासी काना की बारात), जगदीश पिता रूपा बंजारा (निवासी साकरिया खेड़ी) और मदनलाल पिता मांगीलाल बंजारा (निवासी सावन कुंड) को जेल भेज दिया गया है, जबकि शेष तीन को रिहा कर दिया गया।
