
छतरपुर। जिले में चल रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की समीक्षा के दौरान कलेक्टर पार्थ जैसवाल का सख्त रुख देखने को मिला। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में उन्होंने जल संग्रहण कार्यों की धीमी प्रगति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
उपयंत्री पर गिरी गाज, वेतन कटौती के निर्देश
समीक्षा के दौरान जनपद पंचायत नौगांव में खेत तालाब निर्माण कार्यों की प्रगति अत्यंत निराशाजनक पाई गई। कार्यों में न्यून प्रगति और कर्तव्य के प्रति लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने उपयंत्री विनीत भारती का 7 दिवस का वेतन काटने के निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ईई आरईएस पर सख्ती: नवीन टीएस जारी करने पर रोक
कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री (EE), ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) को कड़े निर्देश दिए कि जब तक जल संवर्धन के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं आती, तब तक नए पक्के कार्यों की तकनीकी स्वीकृति (TS) जारी न की जाए। उन्होंने ईई को सभी जनपदों में चल रहे कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग और नियमित समीक्षा बैठकें करने के निर्देश दिए हैं।
‘लेबर बढ़ाओ और समय पर काम पूरा करो’
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खेत तालाब, डग वेल रिचार्ज और अमृत सरोवर जैसे सभी जल संग्रहण कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। कार्यों में तेजी लाने के लिए उन्होंने प्रत्येक खेत तालाब पर कम से कम 50 मजदूर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने लेबर संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मानसून से पहले जल संवर्धन के ढांचे तैयार हो जाने चाहिए।
मैदानी निगरानी के निर्देश
कलेक्टर ने जनपद सीईओ और सहायक यंत्रियों को एसी कमरों से बाहर निकलकर पंचायतों का भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी फील्ड पर जाकर सेक्टरवार कार्यों की निगरानी करें। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया और कार्यपालन यंत्री सलिल सिंह एनआईसी कक्ष में उपस्थित रहे, जबकि अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
