
जबलपुर। प्रदेश में बंद आरटीओ के चैक पोस्ट पुनः चालू किये जाने के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में रिव्यू याचिका दायर की गयी थी। हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने रिव्यू याचिका की सुनवाई करते हुए पूर्व में पारित आदेश पर रोक लगा दी है।
गौरतलब है कि सतना निवासी रजनीश त्रिपाठी की तरफ से वाहनों की ओवरलोडिंग और बढ़ते सड़क हादसों के संबंध में वर्ष 2006 में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई के दौरान सरकार ने अंडरटेकिंग दी थी वह ओवर लोडिग रोकने के लिए चेक पोस्टों का संचालन जारी रखेगी। हाईकोर्ट ने जनवरी 2023 को याचिका का निराकरण का दिया था। एक साल बाद सरकार द्वारा चैक पोस्ट बंद किये जाने के खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी। जिसकी सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 16 अप्रैल को जारी अपने आदेश में तीस दिनों में चेक पोस्ट खोले जाने के आदेश जारी किये थे।
हाईकोर्ट के उक्त आदेश के खिलाफ ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कंग्रिडाइज्ड कंपनी व अन्य की तरफ से हाईकोर्ट में रिव्यू याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए अधिवक्ता राहुल दिवाकर ने हाईकोर्ट को बताया गया कि केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशानुसार प्रदेश में चेकपोस्ट बंद किये गये थे। देश में मध्य प्रदेश सहित सिर्फ 6 ऐसे राज्य है, जिसमें चेक पोसट संचालित हो रहे। केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार अन्य प्रदेश पहले ही चेक पोस्ट बंद कर दिये है। यह केन्द्र सरकार का पॉलिसी मैटर है। एकलपीठ ने रिव्यू याचिका की सुनवाई करते हुए पूर्व में पारित आदेश पर रोक लगा दी है।
