इंजेक्शन के 5 मिनट बाद ही तोड़ा दम: सीहोर में प्रसव के बाद महिला स्वास्थ्यकर्मी की मौत पर हंगामा

सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित मां गायत्री हॉस्पिटल में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एएनएम मयूरी राठौर की प्रसव के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. बाद में पुलिस की निगरानी में तीन डॉक्टरों की टीम द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी.

मृतका के पति मनीष राठौर ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी मयूरी को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था. ऑपरेशन के बाद मयूरी ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था. परिजनों के अनुसार रातभर उसकी स्थिति सामान्य रही और वह पूरी तरह स्वस्थ थी. मनीष का आरोप है कि सोमवार सुबह करीब 9.30 बजे तक मयूरी सामान्य रूप से बातचीत कर रही थी, लेकिन कुछ देर बाद डॉक्टर द्वारा लगाए गए एक इंजेक्शन के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगडऩे लगी. उन्होंने बताया कि इंजेक्शन लगने के महज पांच से सात मिनट के भीतर मयूरी की हालत गंभीर हो गई और देखते ही देखते उसकी मौत हो गई.

इधर, अस्पताल संचालक डॉ. सुजाता परमार ने लापरवाही के आरोपों को नकारते हुए कहा कि मयूरी राठौर के पहले भी दो बच्चे ऑपरेशन से हुए थे. रविवार रात उन्हें इमरजेंसी स्थिति में अस्पताल लाया गया था, जिसके चलते तत्काल ऑपरेशन करना पड़ा. उन्होंने बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा था और उनके द्वारा सुबह तक मरीज की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही थी.

डॉ. परमार के अनुसार प्रारंभिक आशंका यह है कि परिजनों द्वारा चाय या अन्य खाद्य पदार्थ देने के दौरान कुछ सामग्री श्वास नली में फंस गई होगी, जिससे सांस लेने में दिक्कत आई और मौत हुई. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन ने स्वयं इस मामले की सूचना पुलिस को दी है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके.

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा. फिलहाल पुलिस अस्पताल स्टाफ और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है. घटना के बाद शहर में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है क्योंकि इससे पूर्व में भी शहर के निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं की मौत की घटनाएं घटित हो चुकी हैं. ऐसे में लोगों में जहां स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर असंतोष है, वहीं जिम्मेदारों के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है.

परिजनों का आरोप, अस्पताल प्रबंधन ने किया भ्रमित

घटना के बाद अस्पताल में मौजूद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. परिजनों का कहना था कि जब मयूरी की तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी. साथ ही उन्हें मृतका से मिलने तक नहीं दिया गया. इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. गौरतलब है कि मयूरी राठौर स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद पर कार्यरत थीं. चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी होने के कारण वे स्वास्थ्य प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझती थीं. ऐसे में उनकी अचानक हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना की जानकारी फैलते ही अस्पताल परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया था.

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