
भोपाल। भोपाल मेट्रो के प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट को लेकर वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवाद में मध्यप्रदेश राज्य वक्फ अधिकरण में आज शुक्रवार को सुनवाई हुई। मामले में स्थगन आवेदन पर बहस के लिए अगली तारीख 14 मई 2026 निर्धारित की गई है।
मामला भोपाल टॉकीज क्षेत्र स्थित प्राचीन कब्रिस्तान और नारियलखेड़ा की वक्फ भूमि से जुड़ा है। कमेटी इंतेजामियां औकाफ-ए-आम्मा ने मेट्रो निर्माण के खिलाफ दो अलग-अलग प्रकरण दायर किए हैं।
कमेटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अंसार उल हक और अधिवक्ता इब्राहिम सरवत शरीफ खान पैरवी कर रहे हैं। अधिवक्ता खान ने बताया कि दोनों मामलों में मेट्रो निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।
पहले प्रकरण में हमीदिया रोड स्थित मासूमा तकिया अम्मनशाह, मस्जिद नूरानी और अन्य पंजीकृत वक्फ कब्रिस्तान क्षेत्रों के नीचे प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। याचिका में कहा गया है कि यह क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है तथा यहां बड़ी संख्या में कब्रें मौजूद हैं।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि प्रस्तावित मेट्रो लाइन से कब्रिस्तान के लगभग एक एकड़ क्षेत्र पर प्रभाव पड़ सकता है, जिससे कब्रों और धार्मिक संरचनाओं को नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रो परियोजना से संबंधित विस्तृत नक्शा और तकनीकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।
दूसरा मामला नारियलखेड़ा स्थित वक्फ निशात अफजा की भूमि से संबंधित है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि मेट्रो कंपनी ने बिना अनुमति वक्फ भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। दावा किया गया है कि लगभग 1.40 एकड़ भूमि पर पिलर निर्माण के लिए खुदाई और अन्य निर्माण गतिविधियां जारी हैं। वादी पक्ष ने वक्फ अधिकरण से मांग की है कि विवादित स्थलों पर निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए और वक्फ संपत्तियों की यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए जाएं।
