इंदौर:शहर में विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय से पहले उनके क्षतिग्रस्त होने की चिंताएं जमीनी हकीकत के करीब हैं. हालांकि, इंदौर लगातार स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष पर रहा है, लेकिन तीव्र शहरीकरण और बुनियादी ढांचे के निर्माण में खामियां खासकर, भ्रष्टाचार शहर के सामने बड़ी चुनौतियां हैं.हाल ही में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के 5 इंजीनियरों पर घूसखोरी के मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई हुई है, जो निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है.
इंदौर नगर निगम के अंतर्गत फर्जी बिलों के माध्यम से करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है, जिसमें ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई है.बुनियादी ढांचे के निर्माण में खामियां और भ्रष्टाचार का उदाहरण वार्ड 46 स्थित सोमनाथ की जूनी चाल, राम मंदिर वाली गली में बनाई गई पक्की सड़क और सीवरेज लाइन है. कुछ समय पहले ही यह निर्माण कराया गया है, लेकिन कार्य की गुणवत्ता अब सवालों के घेरे में नजर आ रही है.
क्षेत्र में लगाए गए सीवरेज चैंबरों के ढक्कन शुरुआती समय में ही धंसने लगे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ गई है. निर्माण कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया. करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद विकास कार्य टिकाऊ साबित नहीं हो रहा.वहीं निगम कर्मियों की लापरवाही भी सामने आई है. क्षेत्र के कई चैंबर गंदगी से भरे पड़े हैं, जिनकी नियमित सफाई नहीं होने से क्षेत्र में बदबू और संक्रमण का खतरा बना हुआ है. रहवासी मजबूरी में निजी खर्च पर चैंबर साफ करवाने को विवश हैं. लोगों ने नगर निगम प्रशासन से निर्माण कार्य की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
यह बोले रहवासी…
कुछ ही समय पहले यहां सड़क का निर्माण किया गया, लेकिन अभी से चैंबरों के ढक्कन अंदर धंसने लगे हैं. चेंबर को सही नहीं बनाया गया, जिसकी वजह से सफाई भी नहीं हो पाती.
– किशनलाल कुशवाहा
चेंबर के ढक्कन अभी से क्षतिग्रस्त हो रहे हैं. आते-जाते बच्चे गिरते हैं. चेंबर की सफाई के लिए एक महीने में पांच बार शिकायत की, लेकिन कोई भी सुनवाई करने को तैयार नहीं.
– सरोज कुशवाहा
तीन महीने पहले पैसे देकर चेंबर साफ करवाया था. हमारे अलावा दूसरे लोग भी यही करते हैं, क्योंकि चेंबर साफ करने के लिए झोन पर कंप्लेंट करो तब भी कोई नहीं आता.
– सीमा कुमरे
आठ दिन के अंदर चैंबरों की मरम्मत कराई जाएगी
इस संदर्भ में ठेकेदार से चर्चा हो चुकी है. अगले आठ दिनों के अंदर ही क्षतिग्रस्त सभी चैंबरों की मरम्मत की जाएगी एवं ढक्कन बदल दिए जाएंगे. इस दौरान अन्य समस्याओं का भी निराकरण किया जाएगा.
– सैफु कुशवाह, पार्षद
