इंदौर: देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट इन दिनों सिर्फ उड़ानों की वजह से नहीं, बल्कि अंदरूनी विवादों की तेज हलचल के कारण भी चर्चा में है. एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार के खिलाफ गंभीर आरोपों से भरा एक शिकायत पत्र सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है. मामले में एक टीम द्वारा जांच शुरू कर दी गई है.
शिकायत में एयरपोर्ट प्रशासन के भीतर डर, दबाव और अपमानजनक व्यवहार का माहौल बनने का दावा किया गया है. सूत्रों के मुताबिक यह शिकायत हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज रायजादा के नाम से भेजी गई है. शिकायत की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय, नागर विमानन मंत्रालय, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया मुख्यालय, चीफ विजिलेंस ऑफिसर और इंदौर सांसद शंकर लालवानी तक पहुंची हैं. बताया जा रहा है कि पीएमओ ने 17 अप्रैल को इस मामले को जांच के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को अग्रेषित किया था.
इसके बाद सोमवार को एएआई मुख्यालय से जीएम सिविल प्रभु सरकार समेत अधिकारियों की टीम इंदौर पहुंची और जांच शुरू की. टीम ने दस्तावेजों की पड़ताल करने के साथ कई अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए. शिकायत पत्र में दर्ज आरोपों में सबसे ज्यादा चर्चा एक कथित टिप्पणी को लेकर हो रही है. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि एयरपोर्ट डायरेक्टर अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत के दौरान अक्सर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और मामूली बातों पर ट्रांसफर की धमकी देते रहते हैं.
तथ्यात्मक पड़ताल में जुटी टीम
एएआई की जांच टीम फिलहाल पूरे मामले की तथ्यात्मक पड़ताल में जुटी हुई है. एयरपोर्ट प्रशासन की कार्यशैली, कर्मचारियों के आरोप और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद रिपोर्ट मुख्यालय को सौंपी जाएगी. फिलहाल इंदौर एयरपोर्ट के गलियारों में एक ही सवाल गूंज रहा है- क्या यह सिर्फ असंतुष्ट कर्मचारियों की शिकायत है, या फिर एयरपोर्ट प्रशासन के भीतर सचमुच सब कुछ सामान्य नहीं?
जांच प्रक्रिया जारी
इस पूरे मामले में एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने कहा कि मामला फिलहाल समिति और मुख्यालय के विचाराधीन है. उन्होंने बताया कि मुख्यालय स्तर पर इस संबंध में संज्ञान लिया गया है और जांच प्रक्रिया जारी है. ऐसे में इस विषय पर अभी कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.
रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी
सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि इस मामले से जुड़ी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची है. उनके मुताबिक यह शिकायत एक अधिवक्ता द्वारा भेजी गई है, जिसकी प्रति उन्हें भी प्राप्त हुई है. उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी
