इंदौर: खाद्य पदार्थों में मिलावट एवं अस्वच्छ परिस्थितियों में निर्माण और विक्रय के खिलाफ खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर कुल 29 खाद्य नमूने जांच हेतु लिए.खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने धार रोड स्थित माँ इंटरप्राइजेज पर औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान प्रोपराइटर विष्णु सुथार परिसर में कुल्फी निर्माण कार्य संचालित करते पाए गए.
मौके पर बॉम्बे चौपाटी ब्रांड के विभिन्न फ्लेवर की आइसक्रीम एवं फ्रोजन डेजर्ट को कोल्ड रूम में संग्रहित पाया गया. जांच के दौरान प्रतिष्ठान द्वारा कोई वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीयन प्रस्तुत नहीं किया गया, खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा पुराने पते का पंजीयन दिखाया गया, जो केवल स्टोरेज के लिए मान्य था, जबकि वर्तमान परिसर में निर्माण, ट्रेडिंग और स्टोरेज तीनों गतिविधियां संचालित हो रही थीं.
निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. फूड हैंडलर्स बिना कैप, एप्रोन और ग्लव्स के कार्य करते मिले. निर्माण स्थल पर गंदगी पाई गई तथा मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं थे. कुल्फी के सांचे फर्श पर रखकर निर्माण कार्य किया जा रहा था और कच्चा माल खुले एवं अव्यवस्थित रूप से रखा गया था. मौके से कुल्फी एवं फ्रोजन डेजर्ट के कुल 8 नमूने जांच हेतु लिए गए। बिना वैध लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित किए जाने पर प्रारंभिक प्रकरण दर्ज कर परिसर में खाद्य कारोबार तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि वैध पंजीयन एवं आवश्यक स्वच्छता मानकों की पूर्ति के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी.
आइस कैंडी एवं फ्रोजन डेजर्ट इकाई की जांच
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बियाबानी धार रोड स्थित पंकज आइस कैंडी का भी निरीक्षण किया. यहां विभिन्न प्रकार की आइस कैंडी एवं फ्रोजन डेजर्ट का निर्माण पाया गया. जांच के लिए आइस कैंडी के 3 और फ्रोजन डेजर्ट के 2 नमूने, कुल 5 नमूने लिए गए.
गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्राथमिकता
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी
