
जबलपुर। क्रूज हादसे मामले में लापरवाही के दोषियों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने तथा निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर की गयी है। इसके अलावा तीन अन्य याचिका शीघ्र दायर किये जाने वाली है। पुलिस प्रशासन के द्वारा क्रूज चालक तथा क्रू सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह जिला न्यायालय में किया गया है।
गौरतलब है कि 30 अप्रैल की शाम को तेज हवाओं के कारण नर्मदा नदी के बरगी बांध में पर्यटन विकास निगम का क्रूज अनियंत्रित होकर पलट गया था। इस हादसे में आठ महिला, चार बच्चों सहित 13 व्यक्तियों की मौत हो गयी थी। रेस्क्यू ऑपरेशन कर 28 व्यक्तियों को बचा लिया गया था। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान क्रूज को बाहर निकाल लिया गया था और सर्चिंग कार्य के दौरान उसे टुकडो में काट दिया गया था।
क्रूज हादसे को संज्ञान में लेते हुए जिला न्यायालय ने मंगलवार को चालक सहित अन्य सदस्यों के खिलाफ बरगी थाना प्रभारी को दो दिनों में एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किये थे। जेएमएफसी डी पी सूत्रकार ने बरगी हादसे के संबंध में समाचार पत्र तथा सोशल मीडिया में प्रकाशित खबरों को संज्ञान में लेते हुए अपने आदेश में कहा है कि प्रकाशित खबरों के अनुसार चालक के द्वारा क्रूज अपेक्षा पूर्वक नहीं चलाया गया। जिसके कारण क्रूज डूबने से कई व्यक्तियों की मौत हो गयी। चालक स्वयं क्रूज की गतिविधियों से परिचित होने पर भी उसके सवार यात्रियों को डूबता छोड़कर सकुशल बच निकला। उसके द्वारा उन्हें बचाने के कोई प्रयास न किया जाना धारा 106 भारतीय न्याय संहिता 2023 और धारा 110 अपराधिक मानव वध करने के प्रयत्न को दर्शाता है। इस मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच नहीं हुई तो भविष्य में क्रूज संचालन या नाव संचालित करने वाला कोई भी व्यक्ति अनहोनी होने पर लोगों को डूबता हुआ छोड़ेगा और इस कार्य की पुनरावृत्ति होगी।
पुलिस के द्वारा गुरूवार को जिला न्यायालय में एफआईआर दर्ज करने के लिए समय प्रदान करने का आग्रह करते हुए आवेदन पेश किया गया। आवेदन में कहा गया था कि घटना में मृत व्यक्तियों के संबंध में अलग-अगल मर्ग कायम कर जांच जारी है। इसके अलावा प्रदेश सरकार ने घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया। जिसके कारण विवेचना में समय लग सकता है। पुलिस के आवेदन पर आदेश प्रतिक्षित है।
