
छिंदवाड़ा। पोआमा के समीप मंगलवार को हुए शादी सामारोह के दौरान स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे लोगों को जब पता चला कि जिस गाय के मही से बने मठे का वह लुफ्त उठा रहे है उस गाय को कुछ दिनों पूर्व आवारा कुत्ते ने काट दिया था जिसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया. दूसरे दिन लोग रैबिज का इंजेक्शन लगवाने के लिए अस्पताल पहुंच गए. जहां सभी लोगों ने रैबिज के इंजेक्शन लगवाए. बताया जा रहा है कि गाय को 15 दिन पूर्व कुत्ते ने काटा था. जिसके बाद गाय बीमार हो गई है. इसी गाय के दूधे से मही बनाया गया था जिसके मही से मठा बनाने के बाद शादी सामारोह में लोगों को परोसा गया. शादी सामारोह में तकरीबन एक हजार लोग शामिल हुए थे. दरअसल मेडिकल कालेज में कार्यरत यूडीएस के कर्मचारी शुभम सोनी भैंसादंड के रहने वाले है. उसकी मंगलवार को शादी थी. बारात पोआमा स्थित लॉन में गई हुई थी. इस दौरान कार्यक्रम में विभिन्न तरह के व्यंजन परोसे गए थे. जिसमें मठा भी परोसा गया था. मठा बनाने के लिए मही रामेश्वर सोनी ने उपलब्ध करवाया था. इनके यहां की गाय को पंद्रह दिन पूर्व किसी आवारा कुत्ते ने काट दिया था. हालांकि यह बात की जानकारी गाय मालिक को नहीं थी गाय मालिक ने इसी दूध से बना मही को वैवाहिक कार्यक्रम वाले परिवार को दे दिया था. जिसके बाद बारातियों को इसी मही से बना परोसा गया था. बुधवार को पता चला कि गाय पालग हो गई है. जिसके बाद बारातियों में एक एक कर खबर आग की तरह फैल गई.
इंजेक्शन लगाने पहुंचे स्वास्थ्य कर्मी
इस बात की खबर स्वास्थ्य महकमेे को लगते ही स्वास्थ्य कर्मियों को इंजेक्शन लगाने भैंसादंड भेजा गया. जहां बारात में शामिल हुए सभी बारातियों को रैबिज के इंजेक्षन लगवाए गए. वही यूडीएस के सभी कर्मचारियों ने अस्पताल पहुंचकर इंजेक्षल लगवाए है. इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि जिस गाय को कुत्ते को ने काटा है उसी गाय के दूध से मठा बनाया गया था. इस बात की जानकारी मिलते ही पशु चिकित्सा महकमे में हड़कंप मच गया. स्वास्थ्य महकमे और पशु चिकित्सा विभाग भैंसादंड पहुंचा. जहां उन्होंने सबसे पहले गाय को देखा. जिसमें रैबिज के लक्षण पाए गए है. इसीलिए एतिहात के तौर पर सभी बारातियों को इंजेक्षन लगाए गए है.
इनका कहना है…
गाय में रैबिज के पूरे लक्षण दिख रहे है. जिस जानवर में बायरस होते है, उसके दूध या मीट में बायरस आ जाते है. इसलिए सावधानी के तौर पर रैबिज के इंजेक्शन लगाए जा रहे है.
डॉ लोकेश बेलबंशी, पशु चिकित्सालय
