सीहोर। विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रांत और जिला पदाधिकारियों में प्रशासन द्वारा गौ परिवहन, गौ हत्या, गोमांस का विक्रय और गौमाता के चमड़े से संबंधित आरोपियों व्यापारियों पर सख्त कार्रवाही नहीं किए जाने को लेकर कड़ा आक्रोश बना हुआ है.
विहिप के सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में गोपाल राठी, अजीत शुक्ला,विवेक राठौर, भानू सिंह राजपूत,मोहन भाटी, रेवाशंकर जाट, कमलेश कुकुंदा, प्रभात मेवाड़ा, जगदीश कुशवाह ने मंगलवार को कलेक्टर बालागुरू से मिलकर मांग पत्र दिया. विहिप ने गौवंश की हत्या करने वालों और गौ चमड़े का अवैध व्यापार करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की धारा लगाकर गिरफतार करने और उनके मकानों दुकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग की. विहिप ने कहा कि आठ दिनों में प्रशासन आरोपियों पर कार्रवाही नहीं करता है तो बजरंग दल स्वयं ही आरोपियों पर कड़ा एक्शन लेगा.
विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल और सकल हिंदू समाज ने जिला प्रशासन को अत्यंत गंभीर, संवेदनशील एवं जनभावनाओं से जुड़े विषय को लेकर कहा कि कस्बा क्षेत्र में स्थित बूचडख़ाने के पास गौमाता के गोमांस एवं चमड़े को बेचने के उद्देश्य से गौ माता को निर्मम तरीके से काटा गया, जिसकी सूचना सकल हिंदू समाज को प्राप्त होते ही सकल हिंदू समाज में रोष की भावना उत्पन्न हो गया था लेकिन प्रशासन के द्वारा ठोस कार्रवाही नहीं की गई. इसी प्रकार कांकरखेड़ा स्थित अल्फा प्रोटीन नामक चमड़ा फैक्ट्री में 27 अप्रैल को गौमाता के चमड़े के अवैध व्यापार की घटना सामने आई. उक्त फैक्ट्री के विरुद्ध भी प्रशासन के द्वारा कोई भी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही नहीं की गई. फैक्ट्री संचालक आज भी अपनी फैक्ट्री चला रहा है, फैक्ट्री के जिस हिस्से में उक्त गौमाता का चमड़ा पाया गया था उसको प्रशासन के द्वारा सील नहीं किया गया. इसके पूर्व भी गौमाता के परिवहन, गोमांस, गौ हत्या एवं गौमाता के चमड़े की घटनाएं जिले में हो चुकी हैं, परंतु प्रशासन की लचर कार्यशैली के कारण घटनाएं और अधिक हो रही हैं. इन पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रशासन द्वारा ठोस एवं कठोर कार्यवाही की जानी चाहिए.
विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने कहा कि गौमाता के चमड़े, गोमांस, गौमाता का परिवहन करने वाले वाहन को जब्त कर उसका रजिस्ट्रेशन निरस्त कर वाहन को राजसात किया जाए. गौमाता को काट कर गोमांस खरीदने व बेचने वाले दोषी व्यक्तियों पर कठोर कार्यवाही की जाए और उन सभी व्यक्तियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही कर उनकी दुकानें सील की जाएं, जिन-जिन दुकानों पर गोमांस की सप्लाई की गई. उन्हें चिन्हित किया जाकर उन दुकानों के पास खाद्य विभाग की परमिशन है या नहीं जांच की जाए. उक्त दुकानों को चिन्हित कर तोड़ा जाए. दुकानदारों पर रासुका.की कार्यवाही की जाए. गौमाता के परिवहन, गोमांस, गौहत्या एवं गौमाता के चमड़े के व्यापार में जो-जो व्यक्ति लिप्त हैं उन सभी व्यक्तियों के मकानों को चिन्हित कर मकान तोड़े जाएं एवं इन सभी लोगों के खिलाफ रासुका की कार्यवाही की जाए.
