वाशिंगटन/तेहरान, 05 मई (वार्ता) ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम अब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज करने और होर्मुज से जहाजों के पारगमन में मदद के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू करने के बाद तनाव चरम पर है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के फुजैरा पेट्रोलियम उद्योग क्षेत्र पर ईरान के ड्रोन हमले के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है। इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। यूएई ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे तनाव बढ़ाने वाला कदम बताया है। इस घटना ने उस शांति को खत्म कर दिया है जो अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद से बनी हुई थी।
दोनों देशों के बीच आठ अप्रैल को युद्धविराम की घोषणा हुई थी, जिसे 22 अप्रैल को आगे बढ़ाया गया था। इस बीच राजनयिक माध्यमों से प्रस्तावों का आदान-प्रदान जारी है। हालांकि, श्री ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरानी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य या फारस की खाड़ी में कहीं भी अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने का दुस्साहस किया, तो उन्हें ‘धरती से मिटा दिया जाएगा।’ ईरान की प्रतिक्रिया भी उतनी ही आक्रामक रही है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने अमेरिका और उसके सहयोगियों पर युद्धविराम के उल्लंघन और नाकाबंदी कर सुरक्षित नौवहन को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका के लिए मौजूदा स्थिति को सहन करना असंभव होगा और चेतावनी दी कि ईरान के पास अभी भी कई बड़े विकल्प मौजूद हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की पुष्टि की है। इसमें लगभग 15,00 अमेरिकी सैनिक, मिसाइल विध्वंसक जहाज, 100 से अधिक विमान और मानव रहित प्लेटफॉर्म तैनात किए गए हैं।
शीर्ष अमेरिकी कमांडर एडमिरल ब्रैडली कूपर के अनुसार, अभियान के पहले दिन दो अमेरिकी झंडे वाले जहाजों को सैन्य सुरक्षा में सफलतापूर्वक पार कराया गया। इस दौरान अमेरिकी नौसेना ने जहाजों को निशाना बनाने वाली ईरानी क्रूज मिसाइलों को बीच में ही मार गिराया और हमला करने की कोशिश कर रही ईरान की छह छोटी नावों को नष्ट कर दिया। वहीं, यूएई ने कहा कि उसने ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों को नाकाम कर दिया है, हालांकि फुजैरा के पेट्रोलियम केंद्र में भीषण आग लग गई है।
यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस हमले का जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है। यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि ईरान ही इस क्षेत्र में संकट और खतरे का असली स्रोत है।

