
भोपाल। जिला कार्य योजना समिति की बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने स्थानीय और लघु उत्पादों के उत्पादन जैसे ज़री-जरदोजी पर विशेष फोकस करते हुए कहा कि इस पारंपरिक शिल्प क्षेत्र में रोजगार की व्यापक संभावनाएं हैं. जिसमें स्थानीय महिला शिल्पकारों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है.
उद्योगों के बीच समझौतें हों
कलेक्टर ने कहा कि जिले के आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों के साथ उद्योगों के बीच समझौता ज्ञापन किए जाएं, ताकि छात्रों को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त हो सके. उन्होंने बताया कि शैक्षणिक संस्थानों और उद्योगों के बीच इस प्रकार का समन्वय युवाओं को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप दक्ष बनाएगा. इससे न केवल जिले के निर्यात में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा और मजबूती मिलेगी.
