नई दिल्ली | भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के फुजैराह पेट्रोलियम इंडस्ट्रीज जोन (FOIZ) पर हाल ही में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों की सख्त लहजे में निंदा की है। इस हमले में एक तेल फैक्ट्री में आग लग गई थी, जिसकी चपेट में आने से तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि नागरिक बुनियादी ढांचे और निर्दोष लोगों को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। मंत्रालय ने इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है। हालांकि घायलों की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है, लेकिन भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता से रखा है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बिना किसी रुकावट के स्वतंत्र नौपरिवहन और व्यापार की वकालत की है। विदेश मंत्रालय ने चिंता जताई कि व्यापारिक मार्गों में बाधा आने से तेल और गैस की कीमतों में वैश्विक स्तर पर उछाल आ रहा है, जिसका सीधा असर यूरोप और एशिया की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड की रिपोर्ट के मुताबिक, क्षेत्र में नौसैनिक ब्लॉकेड के कारण दर्जनों वाणिज्यिक जहाजों को वापस लौटना पड़ा है। भारत ने जोर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समुद्री व्यापारिक मार्ग सुरक्षित और खुले रहने चाहिए।
यूएई में स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित नागरिकों के कल्याण के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क साधा है और उन्हें उचित चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है। भारत ने दोहराया है कि वह पश्चिम एशिया के विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति (Diplomacy) का समर्थन करता है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की किसी भी कोशिश में सहयोग देने के लिए तैयार है। भारत का मानना है कि इस संवेदनशील क्षेत्र में स्थिरता केवल संवाद के माध्यम से ही आ सकती है, न कि युद्ध या हिंसक हमलों से।

