भोपाल: प्रदेशभर की विभिन्न समस्याओं को लेकर राजधानी में प्रस्तावित किसान आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। ‘राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ’ द्वारा फंदा टोल नाके पर जुटकर भोपाल कूच की योजना बनाई गई थी, लेकिन पुलिस ने आंदोलन को शुरुआती चरण में ही रोकने की कोशिश की।
देवास, रतलाम सहित कई जिलों के प्रमुख किसान नेताओं को घर से निकलने से पहले ही नजरबंद कर दिया गया। वहीं, जो किसान पहले ही रवाना हो चुके थे, उन्हें रास्ते में रोककर आगे बढ़ने से रोका गया। संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम 15 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन तैयार किया है, जिसमें किसानों से जुड़ी प्रमुख समस्याओं के समाधान की मांग की गई है।
महासंघ की युवा इकाई के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष त्रिलोक सिंह गोठी ने बताया कि लगभग 30 जिलों से कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचने वाले थे, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई के चलते उन्हें घरों में ही रोक दिया गया।सोमवार को भोपाल में आंदोलन का असर सड़कों पर भी दिखाई दिया। फंदा बायपास पर किसानों के प्रदर्शन के कारण सीहोर की ओर से आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही बाधित रही, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
