
सिंगरौली । जिले की स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले सिंगरौली महोत्सव की तैयारियों को लेकर कलेक्टर गौरव बैनल की अध्यक्षता में जिले में संचालित परियोजनाओं के प्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में महोत्सव के स्वरूप, उद्देश्य एवं विभिन्न गतिविधियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर ने बताया कि सिंगरौली महोत्सव प्रति वर्ष जिले की स्थापना के अवसर पर मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सिंगरौली महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जिले की समृद्ध कला, संस्कृति एवं स्थानीय प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्रदान करना है, साथ ही जिले की औद्योगिक पहचान और विकास कार्यों को भी प्रदर्शित करना है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव न केवल सांस्कृतिक आदान-प्रदान का माध्यम बनेगा, बल्कि जिले की उपलब्धियों को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर भी देगा। बैठक के दौरान कलेक्टर ने महोत्सव में स्थानीय कला एवं संस्कृति को विशेष महत्व देने पर जोर दिया गया। इसके तहत कार्यक्रमों का चयन इस प्रकार किया जाएगा कि सिंगरौली की पारंपरिक पहचान और लोक संस्कृति को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जा सके। कलाकारों का चयन प्री-सेलेक्शन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा, जिससे योग्य एवं प्रतिभाशाली कलाकारों को मंच मिल सके। बैठक के दौरान सहायक कलेक्टर सौम्या मिश्रा, संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल सहित अन्य मौजूद रहे।
महोत्सव के दौरान क्विज व अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित करें
बैठक में जिले में स्थापित उद्योगों द्वारा किए जा रहे कार्यों, उत्पादन एवं निर्यात गतिविधियों को प्रदर्शित करने के लिए विशेष प्रदर्शनी आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। यह प्रदर्शनी जिले के औद्योगिक विकास को दर्शाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। इसके साथ ही महोत्सव के दौरान दिन के समय स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न क्विज प्रतियोगिताएं एवं एथलेटिक्स खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जिससे बच्चों में उत्साह और सहभागिता बढ़ेगी। साथ ही स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिससे स्थानीय महिलाओं एवं समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर प्राप्त होगा।
