जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट से एक सेवानिवृत्त व्याख्याता को बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने उनके खिलाफ जारी चौबीस लाख की रिकवरी आदेश पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।यह मामला सेवानिवृत्त कर्मी अरविंद कुमार कुररिया की ओर से दायर किया गया था। जिनकी ओर से अधिवक्ता सत्येन्द्र ज्योतिषी व अभिषेक मिश्रा ने पक्ष रखा।
जिन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता शासकीय उमा. शाला दमोह सें व्याख्याता के पद से सेवानिवृत्त से हुए। इसके बाद 23 फरवरी 2026 को शासन ने उनके खिलाफ चौबीस लाख रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी कर दिया। जिसके बाद आवेदक की ओर से शासन को अभ्यावेदन दिया गया और बताया गया कि पूर्व में उनके द्वारा रिकवरी करा दी गई है, शासन से उन्होने कोई भी राशि नहीं ली है। चौबीस लाख की रिकवरी का आदेश विधि विरुद्व है। वहीं आवेदक की ओर से दलील दी गई सेवानिवृत्त कर्मी से किसी भी प्रकार की राशि कटौती नहीं की जा सकती। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने रिकवरी आदेश पर रोक लगाते हुए अनावेदकों को जवाब पेश करने के निर्देश दिये है।
