चोरी का खुलासा: शातिर चोर हऊआ और उसका साथी दबोचे, 7 लाख के जेवर व नगदी बरामद

गुना। शहर के बूढ़े बालाजी क्षेत्र में पिछले दिनों हुई लाखों की चोरी का गुना पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसपी हितिका वासल के नेतृत्व और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने दो ऐसे शातिर चोरों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है, जो लंबे समय से पुलिस की आँखों में धूल झोंक रहे थे। इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने करीब 7 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर और नगदी बरामद करने में सफलता हासिल की है।

मामला 19-20 अप्रैल की दरमियानी रात का है, जब सुदामा कॉलोनी निवासी हेमंत भार्गव अपने परिवार के साथ एक शादी समारोह में गए हुए थे। सूने घर को देखकर चोरों ने धावा बोला और अलमारी के ताले तोड़कर करीब 80 हजार रुपए नगद और कीमती जेवर पार कर दिए थे। अगले दिन जब परिवार वापस लौटा, तो घर के हालात देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

पुलिस की हिट लिस्ट में था नाम शातिर ‘हऊआ’

इस चोरी का मास्टरमाइंड राजकुमार उर्फ हऊआ अहिरवार निवासी चौधरी मोहल्ला निकला। हऊआ कोई साधारण चोर नहीं है, बल्कि वह पुलिस के लिए एक सिरदर्द बना हुआ था। वह न केवल सुदामा कॉलोनी की चोरी में शामिल था, बल्कि 2025 के हाट रोड सरकारी क्वार्टर चोरी के एक पुराने मामले में भी फरार चल रहा था। पुलिस ने जब हऊआ को कड़ाई से घेरा, तो उसने पुराने राज भी उगल दिए, जिससे 2 लाख के अतिरिक्त जेवर बरामद हुए।

साथी छोटू नामदेव भी गिरफ्तार

हऊआ के साथ पुलिस ने उसके साथी आदित्य उर्फ छोटू नामदेव (भगत सिंह कॉलोनी) को भी गिरफ्तार किया है। दिलचस्प बात यह है कि छोटू नामदेव के खिलाफ पहले से ही एक स्थाई वारंट जारी था, जिसमें पुलिस को उसकी तलाश थी। पूछताछ में दोनों ने कबूला कि उन्होंने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

ऐसे चला पुलिस का ऑपरेशन क्लीन’

सीएसपी प्रियंका मिश्रा के पर्यवेक्षण में कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों का एक जाल बुना। 1 मई को सटीक सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को धर दबोचा। आरोपियों के पास से सुदामा कॉलोनी चोरी के 25,000 रुपए नगद और 5 लाख रुपए के जेवर बरामद हुए। हऊआ की निशानदेही पर पुराने केस का 2 लाख का माल भी बरामद किया गया।

 

एसपी ने टीम की पीठ थपथपाई

इस बड़ी कामयाबी में एसआई मेहमूद नबी खान, एएसआई देवनारायण शर्मा, प्रधान आरक्षक प्रवीण दीवान सहित सायबर सेल के आरक्षक कुलदीप यादव और उनकी पूरी टीम की विशेष भूमिका रही। फिलहाल पुलिस इनके तीसरे फरार साथी की सरगर्मी से तलाश कर रही है, जिसके पकड़े जाने पर कुछ और बड़ी वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद है।

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