नयी दिल्ली, 01 मई (वार्ता) उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र और गुजरात के स्थापना दिवस पर दोनों राज्यों के लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान की सराहना की है। उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में महाराष्ट्र की सराहना करते हुए कहा, “महाराष्ट्र दिवस पर मैं राज्य के लोगों को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं। यह राज्य समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सुधार और गतिशील प्रगति का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि उद्योग, कला, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा में भारत के विकास के लिए महाराष्ट्र का योगदान अत्यंत मूल्यवान है।
श्री राधाकृष्णन ने गुजरात के स्थापना दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि अपने उद्यम और नवाचार की भावना के लिए पहचाने जाने वाले इस राज्य ने भारत की आर्थिक शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि गुजरात की लचीली विरासत और प्रगतिशील दृष्टिकोण निरंतर प्रेरित करता रहता है। उपराष्ट्रपति ने कामना की कि दोनों राज्य पूरी शक्ति और जीवंतता के साथ समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूते रहें और राष्ट्र के निरंतर विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहें। उल्लेखनीय है कि प्रशासनिक सुगमता के लिए 1960 में तत्कालीन बॉम्बे राज्य को विभाजित कर महाराष्ट्र और गुजरात का पुनर्गठन किया गया था। इसी उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष एक मई को दोनों राज्यों के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है।

