मॉस्को, 30 अप्रैल (वार्ता) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच डेढ़ घंटे से अधिक समय तक फोन पर चली महत्वपूर्ण वार्ता में ईरान संकट, यूक्रेन संघर्ष और रूस-अमेरिका संबंधों सहित कई वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। क्रेमलिन के अनुसार बातचीत सौहार्दपूर्ण, स्पष्ट और व्यावसायिक रही। श्री पुतिन ने ईरान संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयासों के प्रति रूस की प्रतिबद्धता दोहराई और ईरानी परमाणु कार्यक्रम को लेकर मतभेद कम करने के लिए कई प्रस्ताव रखे। करीब 90 मिनट तक चली इस बातचीत में श्री पुतिन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अमेरिका और इज़रायल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई फिर शुरू करते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम केवल ईरान या उसके पड़ोसियों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था प्रभावित होगी। उन्होंने विशेष रूप से ईरानी भूमि पर किसी भी जमीनी अभियान को ‘अस्वीकार्य और अत्यंत खतरनाक’ बताया।
श्री पुतिन ने वार्ता की शुरुआत में 25 अप्रैल को वॉशिंगटन हिल्टन होटल में श्री ट्रंप पर हुए कथित हमले के प्रयास के बाद उनके प्रति सहानुभूति व्यक्त की और राजनीतिक हिंसा की निंदा की। उन्होंने इस बात का ज़िक्र किया कि न तो श्री ट्रंप, न ही उनकी पत्नी और न ही उनके साथ आये किसी सदस्य को कोई नुकसान पहुंचा। साथ ही, उन्होंने हमलावर को बेअसर करने में सुरक्षा सेवाओं की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। श्री पुतिन ने राजनीतिक रूप से प्रेरित हिंसा के सभी रूपों की भी कड़ी निंदा की। रूस के राष्ट्रपति ने इसके अतिरिक्त यह भी कहा कि उनकी शुभकामनाएं ‘फर्स्ट लेडी’ तक पहुंचाई जायें। उन्होंने इस बात का ज़िक्र किया कि यह घटना 26 अप्रैल को उनके जन्मदिन के आस-पास ही हुई थी, और रूसी तथा यूक्रेनी बच्चों को उनके परिवारों से फिर से मिलाने के प्रयासों में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया।
श्री पुतिन ने ईरान और फारस की खाड़ी क्षेत्र पर चर्चा के दौरान श्री ट्रंप द्वारा युद्धविराम बढ़ाने के निर्णय का समर्थन किया और कहा कि इससे वार्ता के लिए अधिक अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि रूस ईरान, खाड़ी देशों, इज़रायल और अमेरिका के साथ परामर्श जारी रखे हुए है। श्री ट्रंप ने यूक्रेन मुद्दे पर शीघ्र युद्धविराम की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि उनके प्रतिनिधि रूस एवं यूक्रेन दोनों के साथ संपर्क बनाये रखेंगे। श्री पुतिन ने दावा किया कि रूस को रणनीतिक बढ़त हासिल है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वह वार्ता के जरिए समाधान को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने शहीद सैनिकों के पार्थिव शरीर के आदान-प्रदान का भी ज़िक्र किया और कहा कि 2025 की शुरुआत से अब तक रूस ने 20,000 से ज़्यादा यूक्रेनी सैनिकों के शव लौटायें हैं, जबकि यूक्रेन ने 500 से कुछ ज़्यादा रूसी सैनिकों के शव वापस भेजे हैं।
रूस ने आगामी विजय दिवस समारोह के दौरान संभावित युद्धविराम की इच्छा भी जतायी, जिसे श्री ट्रंप ने ऐतिहासिक महत्व वाला कदम बताया। दोनों नेताओं ने आर्थिक और ऊर्जा क्षेत्रों में संभावित सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जतायी। क्रेमलिन के अनुसार संबंधित टीमें पहले से कुछ बड़े परियोजनाओं पर बातचीत कर रही हैं। फोन कॉल के अंत में दोनों नेताओं ने विभिन्न स्तरों पर संपर्क बनाये रखने पर सहमति व्यक्त की। एक सवाल के जवाब में, क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि यह कॉल श्री पुतिन के अनुरोध पर रूसी पक्ष की ओर से शुरू की गयी थी।

