मुंबई, (वार्ता) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने मंगलवार को राज्य में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की।
मंत्रिमंडल की बैठक की शुरुआत में राज्य में भारी बारिश, बांधों में पानी की उपलब्धता, फसल की स्थिति और आपदा प्रबंधन से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा की गई।
चर्चा में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, अजीत पवार, आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन, महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री दत्तात्रेय भरणे, रोजगार गारंटी मंत्री भारत गोगावले, मत्स्य पालन एवं बंदरगाह विकास मंत्री नीलेश राणे ने भाग लिया।
फडणवीस ने कृषि एवं मकानों को हुए नुकसान का तत्काल आकलन करने और मुआवजा देने के निर्देश दिए।
राहत एवं पुनर्वास विभाग की प्रधान सचिव सोनिया सेठी ने बताया कि राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को अत्याधुनिक संचार प्रणाली और डीएसएस (निर्णय सहायता प्रणाली) से सुसज्जित किया गया है जो आपदा संबंधी सूचनाओं का विश्लेषण करता है।
उन्होंने बताया कि ‘सचेत’ प्रणाली के माध्यम से बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी के संदेश दिए जा रहे हैं। इसके माध्यम से 19 करोड़ मोबाइल शॉर्ट मैसेज भेजे गए।
इसके अलावा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की चार टीमें तैयार रखी गई हैं, दो नागपुर में और दो धुले में। नांदेड़ में तैनात की जाने वाली टीमें धुले से रवाना हो गई हैं। गढ़चिरौली में तैनात की जाने वाली टीमें नागपुर से रवाना हो रही हैं।
इसके साथ ही राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की इकाइयों को भी तैयार रखा गया है, सुश्री सेठी ने कहा। राज्य में बिजली गिरने, दीवार गिरने, पेड़ गिरने और डूबने से आठ लोगों की मौत हो गई है। जबकि दो लोग घायल हुए हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह भी निर्देश दिया कि इन मृतकों के परिजनों को तत्काल आवश्यक सहायता और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव दीपक कपूर ने बताया कि उजनी बांध के जलाशय में जल संग्रहण 11 टीएमसी बढ़ गया है।
जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव संजय खंडारे ने बताया कि पिछले चार दिनों में हुई बारिश के कारण राज्य में टैंकरों की संख्या में कुछ हद तक कमी आई है, हालांकि छत्रपति संभाजीनगर जिले में अभी भी टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है।
