उज्जैन:सिंहस्थ की तैयारियों के मद्देनजर मंगलनाथ मंदिर के विकास कार्यों को गति दी जा रही है. शिखर निर्माण सहित विभिन्न परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जो इस प्राचीन धाम को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. वही अब मूलभूत सुविधाएं श्रद्धालुओं के लिए भी की गई है ताकि दर्शन पूजन के लिए यात्रियों श्रद्धालुओं और पंडितजन -पुजारियो को और असुविधा न हो.
भीषण गर्मी के बीच भी आस्था की डोर अडिग है और इसी श्रद्धा को सहज बनाने के लिए उज्जैन स्थित मंगलनाथ मंदिर में व्यवस्थाओं का नया स्वरूप दिखाई देने लगा है. देश-विदेश से महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब मंगलनाथ मंदिर में भी राहत और सुव्यवस्था का अनुभव कर रहे हैं.
मंगल की उत्पत्ति
मंगल की जननी के रूप में प्रतिष्ठित इस धाम में भगवान शिव विराजित हैं. इन दिनों भात पूजन, विवाह पश्चात आशीर्वाद और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंध समिति ने संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित और प्रभावी इंतजाम किए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को तपती धूप के बीच भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े.
शीतल शीतल जल का प्रबंध
हाल ही में पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने के बावजूद प्रशासन ने तत्परता से वैकल्पिक इंतजाम सुनिश्चित किए. टैंकरों के माध्यम से शुद्ध जल की निरंतर उपलब्धता बनाए रखी गई, वहीं दानदाताओं के सहयोग से बड़ी जल टंकियां स्थापित कर दी गईं. परिसर में जगह-जगह शीतल जल की व्यवस्था के साथ मिट्टी के पात्र भी रखे गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को ठंडक का अहसास मिल रहा है.
परिसर में कारपेट
तप्त जमीन से राहत देने के लिए मुख्य मार्गों पर कारपेट बिछाए गए हैं, जबकि धूप से बचाव हेतु हरी नेट का कवच पिछले कई दिनों से श्रद्धालुओं को छांव प्रदान कर रहा है. बिजली व्यवस्था में आई तकनीकी बाधाओं को भी तत्काल दूर कर निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जिससे मंदिर परिसर में सुविधाओं का संचालन सुचारू बना हुआ है.
पंडित पुजारियों के लिए प्रबंध
पूजन-अनुष्ठान करने वाले पंडितों और श्रद्धालुओं के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था भी की गई है, ताकि धार्मिक कार्य बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकें. मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में यहां और अधिक सुव्यवस्थित और भव्य स्वरूप देखने को मिलेगा. शेड में पूजन की जमावट की गई.
इनका कहना
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि दर्शन व्यवस्था सुगम, सुरक्षित और श्रद्धा के अनुरूप बनी रहे. पेयजल, कारपेट और निर्बाध विद्युत व्यवस्था भी की गई है.
– के.के. पाठक, प्रशासक मंगलनाथ मंदिर
