नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में मार्च में गिरावट देखने को मिली है। इस साल यह पहला मौका है जब हवाई यात्रियों की संख्या में सालाना आधार पर गिरावट देखी गयी है। जनवरी में यह 4.36 प्रतिशत और फरवरी में 0.16 प्रतिशत बढ़ी थी।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, गत मार्च महीने में घरेलू मार्गों पर एक करोड़ 44 लाख 16 हजार यात्रियों ने सफर किया। पिछले साल मार्च में यह संख्या एक करोड़ 45 लाख 42 हजार रही थी।
साल के पहले तीन महीने में घरेलू हवाई यात्रियों की कुल संख्या चार करोड़ 37 लाख 31 हजार रही है। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 1.23 फीसदी अधिक है। भरी सीटों के अनुपात (पीएलएफ) के मामले में मार्च में एक बार फिर अकासा एयर का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा। उसका पीएलएफ 90.5 रहा, हालांकि यह फरवरी के 93.3 प्रतिशत से कम है। इंडिगो 83.5 प्रतिशत से साथ दूसरे और स्पाइसजेट 82.8 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रही। टाटा समूह की एयर इंडिया का पीएलएफ 82.3 दर्ज किया गया। अन्य सभी कंपनियों की 30 प्रतिशत या उससे अधिक सीटें खाली गयीं। बाजार हिस्सेदारी के मामले में एक बार फिर इंडिगो (63.3 प्रतिशत) का दबदबा कायम रहा। यह लगातार
तीसरा महीना है जब घरेलू हवाई यात्रियों में 63 प्रतिशत से अधिक ने इंडिगो की उड़ानों को चुना है।
एयर इंडिया समूह 26.2 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। फरवरी के 27 प्रतिशत की तुलना में उसकी हिस्सेदारी में कमी आयी है। अकासा एयर ने अपनी बाजार हिस्सेदारी फरवरी के 4.9 फीसदी से बढ़ाकर 5.4 प्रतिशत करने में सफलता हासिल की है। वह तीसरे स्थान पर है। स्पाइसजेट की हिस्सेदारी घटकर 3.8 प्रतिशत रह गयी। अन्य विमान सेवा कंपनियों की हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है। सरकारी एयरलाइंस अलायंस एयर की हिस्सेदारी 0.6 प्रतिशत रही।

