नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (वार्ता) वाराणसी से विदेश जाने वाले यात्रियों को अब पहले दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े हवाई अड्डे पर जाकर इमीग्रेशन की औपचारिकताएं पूरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी क्योंकि ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के तहत वे वाराणसी एयरपोर्ट पर ही ये औपचारिकताएं पूरी कर सकेंगे और दिल्ली हवाई अड्डा सिर्फ ट्रांजिट का काम करेगा। केंद्रीय नागरिक उड्ड्यन मंत्री किंजरापू राम मोहन नायडू ने हाल ही में विमान सेवा कंपनियों, हवाई अड्डा संचालकों और अन्य हितधारकों के साथ एक बैठक में इस मॉडल को प्रोत्साहित करने के लिए कहा था। इस मॉडल का पहला प्रयोग वाराणसी एयरपोर्ट पर होगा और इसकी जिम्मेदारी एयर इंडिया को दी गयी है।
टाटा समूह की विमान सेवा कंपनी ने बुधवार को बताया कि वह ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के तहत वाराणसी हवाई अड्डे से उड़ान शुरू करने की तैयारी कर रही है। एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक कैम्पबेल विल्सन ने कहा, “यह भारतीय विमानन के लिए एक परिवर्तनकारी कदम है। ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल न केवल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि देशभर में विकसित हवाईअड्डा अवसंरचना का सर्वोत्तम उपयोग भी सुनिश्चित करेगा। यह एक मजबूत गुणक प्रभाव उत्पन्न करेगा और देश की व्यापक विकास यात्रा के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।”
अपने नेटवर्क विस्तार के तहत और ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल के अनुरूप एयर इंडिया वाराणसी से अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिससे इस शहर के दुनिया के दूसरे शहरों से संबंध मजबूत होंगे और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए पहुंच में सुधार होगा। एयर इंडिया में समूह प्रमुख (गवर्नेंस, जोखिम, अनुपालन एवं कॉर्पोरेट मामले) पी. बालाजी ने कहा, “वाराणसी से अंतर्राष्ट्रीय ‘हब एंड स्पोक’ कनेक्टिविटी की शुरुआत महानगरों से परे देश की वैश्विक विमानन उपस्थिति को बढ़ाने पर हमारे फोकस को दर्शाती है। यह टियर-2 और टियर-3 शहरों से अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों को यात्रा समय कम करके बड़ा लाभ प्रदान करेगी, साथ ही यात्रा को सुगम और सुविधाजनक बनायेगी।”

