वॉशिंगटन, 29 अप्रैल (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ब्रिटेन के सम्राट चार्ल्स-3 भी इस बात से सहमत हैं कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
श्री ट्रंप ने पश्चिम एशिया नीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा और इस मुद्दे पर सम्राट चार्ल्स भी उनकी सोच से सहमत हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ब्रिटेन की संवैधानिक परंपराओं के संदर्भ में असहज मानी जा रही है, क्योंकि ब्रिटिश सम्राट परंपरागत रूप से राजनीतिक रूप से तटस्थ रहते हैं और सरकारी नीति या अंतरराष्ट्रीय संघर्षों पर सार्वजनिक रूप से पक्ष नहीं लेते।ब्रिटेन में संवैधानिक व्यवस्था के तहत सम्राट किसी भी दलगत या प्रत्यक्ष राजनीतिक रुख से दूरी बनाए रखते हैं। ऐसे में श्री ट्रंप का यह दावा राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि ईरान से जुड़ा युद्ध ब्रिटेन का युद्ध नहीं है और वह इस संघर्ष में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने यह भी दोहराया है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलने चाहिए, जो लंबे समय से ब्रिटिश सरकारों की नीति रही है।
हाल के अमेरिकी दौरे के दौरान सम्राट चार्ल्स ने अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए अमेरिका-ब्रिटेन संबंधों, साझा मूल्यों और वैश्विक सहयोग पर जोर दिया था। उनकी यात्रा को दोनों सहयोगी देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव को कम करने के एक प्रयास के रूप में व्यापक रूप से देखा गया।
ईरान संघर्ष से निपटने के तरीके को लेकर कुछ सहयोगी देशों के साथ मतभेदों के बाद श्री ट्रंप ने अमेरिका को नाटो से अलग करने की संभावना जतायी है। इस कदम के लिए कांग्रेस की मंज़ूरी ज़रूरी होगी और इसका कड़ा विरोध होने की उम्मीद है।
व्हाइट हाउस में आयोजित राजकीय भोज के दौरान सम्राट चार्ल्स और श्री ट्रंप के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में ऐतिहासिक संदर्भों पर आधारित हास्यपूर्ण टिप्पणियां भी हुईं। सम्राट चार्ल्स ने श्री ट्रंप के एक हालिया बयान का जवाब देते हुए मजाकिया लहजे में कहा कि यदि ब्रिटिश प्रभाव न होता तो शायद अमेरिकी फ्रेंच भाषा बोल रहे होते, जिस पर उपस्थित लोगों ने ठहाके लगाए।
उल्लेखनीय है कि श्री ट्रंप ने दावोस शिखर सम्मेलन में कहा था कि विश्व युद्ध-2 में अगर अमेरिका हस्तक्षेप न करता तो ब्रिटेन के लोग जर्मन और जापानी भाषाएं बोल रहे होते।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सम्राट चार्ल्स ने कुछ समकालीन विषयों पर भी बात की और व्हाइट हाउस के ‘ईस्ट विंग’ में हुए “पुनर्समायोजनों” का ज़िक्र किया। बताया जाता है कि श्री ट्रंप ने एक नयी बॉलरूम परियोजना के हिस्से के तौर पर इस विंग को फिर से विकसित करवाया है। इसके बाद उन्होंने 1812 के युद्ध का एक ऐतिहासिक संदर्भ दिया, जब ब्रिटिश सेनाओं ने व्हाइट हाउस को जला दिया था।
सम्राट चार्ल्स ने कहा, “मुझे यह कहते हुए अफ़सोस है कि हम ब्रिटिश लोगों ने 1814 में व्हाइट हाउस के रियल एस्टेट पुनर्विकास का प्रयास किया था।” उन्होंने ‘बॉस्टन टी पार्टी’ का भी ज़िक्र किया और मज़ाकिया लहजे में कहा कि यह ‘स्टेट डिनर’ 1773 के उस विरोध प्रदर्शन से ‘काफ़ी बेहतर’ है, जिसमें अमेरिकी उपनिवेशवादियों ने ब्रिटिश चाय को बंदरगाह में फेंक दिया था।
