मुंबई | दुनिया के सबसे लोकप्रिय बिस्किट ब्रांड ‘पारले-जी’ की मूल कंपनी, पारले प्रोडक्ट्स, भारतीय शेयर बाजार में अपनी धमाकेदार एंट्री के लिए तैयार है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चौहान परिवार के स्वामित्व वाली यह कंपनी अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए शुरुआती प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। सूत्रों का कहना है कि कंपनी आईपीओ की रूपरेखा तैयार करने के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल और एक्सिस बैंक जैसे दिग्गज निवेश बैंकों के साथ महत्वपूर्ण चर्चा कर रही है। हालांकि मूल्यांकन पर आधिकारिक मुहर लगना बाकी है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि पारले अपनी मजबूत विरासत के दम पर प्रीमियम वैल्यूएशन हासिल कर सकती है।
प्रस्तावित योजना के अनुसार, यह आईपीओ पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) हो सकता है। इसका मतलब है कि कंपनी नए शेयर जारी करने के बजाय मौजूदा प्रमोटरों को अपनी आंशिक हिस्सेदारी बेचने का मौका देगी। वर्तमान में कंपनी पर प्रमोटर परिवार का शत-प्रतिशत नियंत्रण है। लिस्टिंग के माध्यम से पारले न केवल अपनी ब्रांड वैल्यू को और सशक्त करना चाहती है, बल्कि शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉकिंग का मार्ग भी प्रशस्त कर रही है। मई 2026 तक ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) जमा करने की दिशा में तेजी आने की उम्मीद है, जिससे निवेशकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
शेयर बाजार में कदम रखने के बाद पारले प्रोडक्ट्स का सीधा मुकाबला ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज और आईटीसी (ITC) जैसी दिग्गज एफएमसीजी कंपनियों से होगा। पारले-जी के अलावा कंपनी के पोर्टफोलियो में हाइड एंड सीक, मोनाको और क्रैकजैक जैसे पावर ब्रांड्स शामिल हैं, जिनकी पकड़ ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में बेहद मजबूत है। विश्लेषकों का मानना है कि यह आईपीओ निवेशकों को एक स्थिर और लाभदायक बिजनेस का हिस्सा बनने का बेहतरीन अवसर प्रदान करेगा। यह कदम भारतीय उपभोग बाजार के प्रति निवेशकों के बढ़ते भरोसे को भी रेखांकित करता है।

