
बीना। नगर पालिका की टीम गांधी चौराहे के पास अवैध निर्माण हटाने पहुंची तो कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। यहां टीन शेड के माध्यम से दुकानों का निर्माण किया गया था, जिसे नगर पालिका ने बिना अनुमति और नियमों के विरुद्ध बताया।
नगर पालिका अधिकारियों के अनुसार संबंधित निर्माण न तो विधिवत नामांतरण के बाद किया गया था, न ही इसका नक्शा स्वीकृत था। साथ ही निर्माणकर्ता द्वारा आवश्यक शुल्क जमा नहीं किया गया। इस संबंध में तीन बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।
कार्रवाई शुरू होते ही आमिर कुरैशी मौके पर पहुंच गए और विरोध जताते हुए जेसीबी के सामने खड़े हो गए, जिससे कुछ देर के लिए काम रुक गया। पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इस दौरान उन्होंने स्थानीय विधायक और तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए, साथ ही एसडीएम पर पक्ष नहीं सुनने की बात कही।
स्थिति उस समय शांत हुई जब उनके परिवार के सदस्य भी मौके पर पहुंचे और नगर पालिका से समय की मांग की। इसके बाद अधिकारियों ने मानवीय आधार पर शेड हटाने के लिए सुबह तक की मोहलत दे दी। साथ ही स्पष्ट किया गया कि तय समय में निर्माण नहीं हटाया गया तो आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नगर पालिका के सीएमओ राहुल कौरव ने बताया कि करीब 600 वर्गफीट भूमि पर बिना अनुमति निर्माण किया गया था। नियमानुसार कार्रवाई के तहत नोटिस देने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
वहीं, लगाए गए आरोपों पर स्थानीय विधायक निर्मला सप्रे ने उन्हें पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि वे संबंधित व्यक्ति को जानती तक नहीं हैं और सार्वजनिक रूप से लगाए गए आरोपों पर वे कानूनी कार्रवाई करेंगी। दूसरी ओर तहसीलदार डॉ. अंबर पंथी ने भी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे पिछले एक माह से प्रशिक्षण पर थे और उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है।
