
आमला। शहर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत शहर के प्रमुख मार्गों को व्यवस्थित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है, लेकिन सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जे इसमें सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं।मंगलवार को नगरपालिका परिषद ने कड़ा रुख अपनाते हुए चंद्रभागा नदी से बस स्टैंड तक के लगभग 1 किलोमीटर मार्ग पर कब्जा जमाए 50 बड़े अतिक्रमणकारियों को 24 घंटे का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह आखिरी चेतावनी है, इसके बाद सीधे बुलडोजर कार्रवाई होगी।
1 किमी सड़क का कायाकल्प, डिवाइडर बनेगा—जाम और हादसों से राहत
नगरपालिका प्रशासन इस पूरे मार्ग को आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी में है। चंद्रभागा नदी से बस स्टैंड तक डिवाइडर निर्माण प्रस्तावित है, जिससे यातायात सुगम होगा और शहर की सुंदरता भी बढ़ेगी।लेकिन इस मार्ग पर कई रसूखदारों ने पक्के निर्माण, टीन शेड और बाउंड्रीवाल बनाकर सड़क की जमीन पर कब्जा कर लिया है। यही कारण है कि विकास कार्य अटका हुआ है।प्रशासन अब इन अतिक्रमणों को हटाकर सड़क को चकाचक बनाने के मिशन में जुट गया है। नोटिस मिलते ही कई कब्जाधारी अपना सामान हटाते नजर आए, जिससे कार्रवाई का असर साफ दिख रहा है।
नहीं हटाया कब्जा तो चलेगा बुलडोजर, खर्च भी वसूला जाएगा
नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 223 के तहत जारी नोटिसों ने अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मचा दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि 24 घंटे में स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो संयुक्त टीम बुलडोजर से कार्रवाई करेगी।इस बार सख्ती और बढ़ा दी गई है बुलडोजर, मजदूरी और अन्य खर्च भी संबंधित कब्जाधारी से ही वसूला जाएगा। साथ ही सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी भी दी गई है।
इनका कहना है
50 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। समय सीमा में कब्जा नहीं हटाने पर संयुक्त टीम बलपूर्वक कार्रवाई करेगी। शहर के विकास के लिए यह कदम जरूरी है।”
सुभाष शर्मा, उपयंत्री, नगरपालिका आमला
