
भोपाल। मध्य प्रदेश की कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास, कृषि, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में प्रदेश को देश में अग्रणी बनाते हुए नारी शक्ति वंदन के आरक्षण मुद्दे को संकल्प के रूप में पारित किया गया।
कैबिनेट ने वन्यजीव संरक्षण के तहत एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इस वर्ष असम से 16 जंगली भैंसों को लाने का निर्णय लिया। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहली खेप को बाड़े में छोड़ा, जिससे प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
कृषि क्षेत्र में सरकार ने गेहूं उपार्जन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार द्वारा लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख टन किए जाने के बाद अब प्रदेश में सप्ताह में छह दिन उपार्जन किया जाएगा और शनिवार को अवकाश नहीं रहेगा, ताकि किसानों को सुविधा मिल सके।
विकास कार्यों को गति देने के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और सिंचाई क्षेत्रों में 26,800 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इसी के तहत शाजापुर जिले के लखनदार बांध पर पंप हाइड्रो सिस्टम से 24 गांवों की लगभग 9,000 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए ₹155 करोड़ की योजना को मंजूरी मिली है।
लोक निर्माण विभाग के पांच प्रमुख कार्यों की निरंतरता को भी स्वीकृति दी गई है, जिन पर अगले पांच वर्षों में 26,311 करोड़ खर्च किए जाएंगे। वहीं, दिल्ली में पढ़ने वाले ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए ग्रेजुएशन स्तर की छात्रवृत्ति को 1,550 से बढ़ाकर 10,000 प्रतिमाह कर दिया गया है।
सामाजिक और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रदेश के 38,901 आंगनबाड़ी भवनों के विद्युतीकरण हेतु 80 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल के अधोसंरचना विकास के लिए ₹80 करोड़ और श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए 174 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
इन निर्णयों को प्रदेश के समग्र विकास और जनकल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
