नरवाई की आग बनी कहर, दो ट्रैक्टर स्वाहा

सीहोर। जिले के मंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत शेखपुरा गांव में सोमवार शाम खेत की नरवाई में लगी भीषण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया. देखते ही देखते आग की लपटें करीब 500 मीटर दूर स्थित एक किसान के खेत पर बने मकान तक पहुंच गईं और वहां खड़े ट्रैक्टर, ट्रॉली सहित कई कृषि उपकरणों को अपनी चपेट में ले लिया. आगजनी की इस घटना में किसान को करीब 30 लाख रुपए से अधिक के नुकसान का अनुमान है.

जानकारी के अनुसार सोमवार की दोपहर ग्राम शेखपुरा निवासी दिलीप पिता रामसिंह गौर के खेत में बने मकान से कुछ दूरी पर अचानक नरवाई में आग लग गई. प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. उस समय दिलीप गौर अपने खेत पर ही मौजूद थे और ट्रॉली में गेहूं भरने का काम कर रहे थे. अचानक धुआं और तेज लपटें उठती देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

आग ने तेजी से फैलते हुए खेतों को पार किया और सीधे किसान के मकान तक पहुंच गई. हालात इतने भयावह हो गए कि आसपास के लोग भी दहशत में आ गए. किसान और उसके परिजनों ने पहले अपने स्तर पर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज हवाओं और सूखी नरवाई के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया. इसके बाद तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी गई.

सीहोर से पहुंची दमकल की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया. आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दमकलकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी. करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग की लपटों पर काबू पाया जा सका. इस दौरान टैंकर और मोटर पंप की भी मदद ली गई.

हालांकि तब तक आग अपना भारी नुकसान कर चुकी थी। किसान के घर के सामने खड़े दो ट्रैक्टर, एक गेहूं से भरी ट्रॉली, जनरेटर का आर्मीचर, रोटावेटर, कुटकी मशीन (चारा काटने की मशीन), हड़म्बा मशीन, लगभग 50 पाइप और अन्य कृषि उपकरण पूरी तरह जलकर राख हो गए. घटना के बाद का मंजर बेहद मार्मिक था. अपनी मेहनत की कमाई को जलते देख किसान दिलीप गौर और उनके परिवार के लोगों की आंखों से आंसू निकल आए. उन्होंने बताया इस आगजनी में उनका भारी नुकसान हुआ है और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. किसान ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि नुकसान की कुछ भरपाई हो सके.

नरवाई में आग लगाने से बाज नहीं आ रहे किसान

प्रशासन द्वारा खेतों की नरवाई जलाने को लेकर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं, लेकिन किसान इस आदेश को तरजीह न देते हुए खेतों में खड़ी नरवाई को आग के हवाले कर रहे हैं. रोजाना दिन और रात में खेतों से उठती आग की लपटें और काला दमघोंटू धुआं उड़ता नजर आ रहा है, लेकिन प्रशासन के जिम्मेदारों को यह नजर नहीं आ रहा. इसके परिणामस्वरूप आगजनी की घटनाओं में भी बढ़ोत्तरी हो रही है. कई गांवों में अब तक दर्जनों आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं.

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