
भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में सोमवार को महिला आरक्षण के मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक टकराव देखने को मिला, जब कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
विवाद उस समय गहराया जब सरकार ने दोहराया कि महिला आरक्षण का क्रियान्वयन जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा। इस रुख का कांग्रेस ने जोरदार विरोध किया और सदन के भीतर तीखी नारेबाजी की। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे “राजनीतिक छल” करार देते हुए मौजूदा सीटों पर तत्काल आरक्षण लागू करने की मांग की।
हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक वेल में पहुंच गए और सरकार से स्पष्ट समयसीमा बताने की मांग करने लगे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कांग्रेस के सभी सदस्य सामूहिक रूप से सदन से बाहर निकल गए, जिससे विधानसभा का माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विपक्ष के दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आरक्षण का प्रावधान संविधान के अनुसार ही लागू किया जाएगा।
सत्तापक्ष ने कांग्रेस के वॉकआउट को “राजनीतिक नाटक” बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष सार्थक चर्चा से बच रहा है। वहीं कांग्रेस नेताओं ने अपने कदम को महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई बताया।
वॉकआउट के बाद कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही बाधित रही, हालांकि बाद में कार्यवाही पुनः शुरू हुई और निर्धारित एजेंडा आगे बढ़ाया गया।
