रायपुर, 25 अप्रैल (वार्ता) छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार द्वारा विधानसभा का विशेष सत्र बुलाए जाने पर शनिवार को कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे जनता के धन की बर्बादी और अलोकतांत्रिक कदम बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सत्र केवल विपक्ष की निंदा के उद्देश्य से बुलाया गया है, जिसका कोई ठोस औचित्य नहीं है।
श्री बैज ने वार्ता से कहा कि विधानसभा के एक दिन के विशेष सत्र पर लाखों रुपये खर्च होंगे और सैकड़ों मानव कार्यदिवस व्यर्थ जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के पास न तो कोई महत्वपूर्ण विधेयक है और न ही कोई ऐसा जनहित का विषय, जिसके लिए विशेष सत्र की आवश्यकता हो।
उन्होंने मुख्यमंत्री के उस कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि जब स्वयं सरकार यह स्वीकार कर रही है कि सत्र विपक्ष की निंदा के लिए बुलाया जा रहा है, तो यह लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। उन्होंने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि यदि सत्र बुलाना ही है तो अपनी नाकामियों और “मोदी की गारंटी” के कथित विफल होने पर चर्चा कराए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि जिस विषय पर विधानसभा में चर्चा की बात हो रही है, उस पर पहले ही संसद में विस्तृत चर्चा हो चुकी है और मतदान के बाद उसे खारिज किया जा चुका है। ऐसे में उस मुद्दे को विधानसभा में लाना संसद की अवमानना और सांसदों के विशेषाधिकार पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में सरकार ने किसी भी जनहित मुद्दे पर विशेष सत्र नहीं बुलाया, जबकि अब इसे “स्तरहीन राजनीति” के लिए उपयोग किया जा रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस विशेष सत्र पर होने वाला पूरा खर्च भारतीय जनता पार्टी से वसूला जाए।
श्री बैज ने यह भी कहा कि यदि निंदा प्रस्ताव लाना ही है तो केंद्र सरकार और नरेंद्र मोदी के खिलाफ लाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को लागू करने में देरी कर सरकार जनता को भ्रमित कर रही है।
