वाशिंगटन | अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को पेंटागन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। हेगसेथ ने ईरान युद्ध को “दुनिया के लिए उपहार” करार देते हुए कहा कि वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह मिशन आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरानी जहाजों पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक वाशिंगटन का “साहसिक और खतरनाक” मिशन पूरी तरह सफल नहीं हो जाता। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस घेराबंदी के कारण अब तक 34 संदिग्ध जहाजों को वापस खदेड़ा जा चुका है।
रक्षा मंत्री के दावों के विपरीत, ‘लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस’ और ‘विंडवर्ड’ जैसी समुद्री खुफिया एजेंसियों के डेटा से पता चलता है कि ईरान अब भी नाकाबंदी को चकमा देने में सफल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी टैंकर अपने ट्रैकिंग डेटा में हेराफेरी कर और पाकिस्तानी जलक्षेत्र का उपयोग कर प्रतिबंधित तेल का निर्यात कर रहे हैं। 13 अप्रैल के बाद से ओमान की खाड़ी से कम से कम 11 ईरानी टैंकरों के निकलने की पुष्टि हुई है। जनरल डैन केन ने भी हाल ही में ईरानी पोत ‘तौस्का’ को रोके जाने की घटना का विवरण पेश करते हुए समुद्र में जारी तनाव की गंभीरता को रेखांकित किया।
आक्रामक रुख के बावजूद पीट हेगसेथ ने कूटनीति के द्वार खुले रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अभी भी समझदारी दिखाने और बातचीत की मेज पर आने का मौका है। अमेरिका की मुख्य शर्त यह है कि ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम और हथियारों को पूरी तरह त्यागना होगा, जिसकी जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार की जा सके। वाशिंगटन ने साफ कर दिया है कि यदि ईरान परमाणु हथियारों की जिद नहीं छोड़ता, तो उस पर लगाए गए सैन्य और आर्थिक प्रतिबंध और अधिक कड़े किए जाएंगे।

