
शुजालपुर। सिविल अस्पताल शुजालपुर में अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों का हाल बेहाल है. विशेष रूप से प्रसूताओं को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है. सिविल अस्पताल शुजालपुर में बीती रात भर्ती हुई एक प्रसूता का प्रसव अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद हो सका. इतना ही नहीं अस्पताल में नायब तहसीलदार को लगभग दो घंटे मध्य रात्रि के बाद बैठना पड़ा, जिससे भर्ती प्रसूता का प्रसव हो सके.
जानकारी के अनुसार ग्राम डाबरी निवासी आशा गोवर्धन को प्रसव के लिए सिविल अस्पताल शुजालपुर में भर्ती कराया गया था. प्रसव पीड़ा अधिक होने पर मामला हाईरिस्क का प्रतीत हुआ. अस्पताल में मौजूद स्टॉफ नर्स ने रैफर की सलाह दी, लेकिन 108 पर फोन लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला. काफी देर तक प्रयास के बाद भी 108 के लिए व्यवस्था नहीं हो पाई. प्रसूता की परेशानी का मामला एसडीएम शुजालपुर एवं पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष तक पहुंचा, दोनों ने अपने स्तर पर प्रयास किया.
सहयोगी के अभाव में नहीं हो सका उपचार
बताया जाता है कि सिटी व मंडी के दोनों अस्पताल की यूनिट को संभालने के लिए महिला रोग विशेषज्ञ के रूप में एक मात्र चिकित्सक डॉ. आभा जैन पदस्थ हैं, जो कि प्रसूता का उपचार करने के लिए अस्पताल पहुंच गई, लेकिन सहयोगी के अभाव में उपचार नहीं हो सका. जानकारी के अनुसार रात लगभग 2 बजे रायपुर गांव में निवासरत एक कर्मचारी को अस्पताल बुलाया एवं इसके बाद प्रसूता का सीजर ऑपरेशन किया गया. शुक्रवार सुबह एसडीएम राजकुमार हलदर भी सिविल अस्पताल पहुंचे व अस्पताल का रुटीन निरीक्षण कर व्यवस्था संबंधी चर्चा की और स्टॉफ की परेशानी को भी जाना. बता दें सिविल अस्पताल में लंबे समय से मरीजों को परेशानी हो रही है. इस अस्पताल में पदस्थ कुछ चिकित्सकों की रुचि निजी नर्सिंग होम और निजी पै्रक्टिस के चलते अस्पताल की व्यवस्थाएं बदहाल होती जा रही हैं.
समय पर नहीं मिलती आपातकालीन सेवा
सिविल अस्पताल में सेवा भाव की निष्ठा लगातार कम हो रही है और निजी हित के चलते व्यवस्थाएं बिगड़ रही हैं. कई मामलों में रैफर की स्थिति बनती है. आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति तो निजी अस्पताल में चले जाते हैं, लेकिन जो सक्षम नहीं हैं, उनकी परेशानी बढ़ जाती है. विगत दो माह से आपातकालीन सेवा 108 का संचालन बिगड़ा हुआ है. कॉल करने पर यह सेवा समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है. उधर, सिविल अस्पताल में मौजूद एम्बुलेंस की सेवा चिकित्सकों को इमरजेंसी में घर से लाने व ले जाने के लिए रहती है, लेकिन मरीज को रैफर करना हो, तो इस एम्बुलेंस पर भरोसा नहीं किया जाता है.
इनका कहना है
सिविल अस्पताल का रुटीन निरीक्षण किया गया. रात्रि में प्रसूता की परेशानी संबंधी जानकारी मिली थी, जिसका सीजर हो गया और जच्चा व बच्चा दोनों सुरक्षित हैं. अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ को ज्वॉइन करना था, लेकिन अभी तक हुआ नहीं है. 108 को कॉल करने पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है. उसकी शिकायत मिली है. इस संबंध में जवाबदारों से चर्चा की जा रही है.
– राजकुमार हलदर, एसडीएम, शुजालपुर
