
जबलपुर। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने बहुचर्चित नर्सिंग कालेज फर्जीवाड़ा मामले की सुनवाई के लिए दूसरी बेंच का निर्धारण कर दिया है। इसके तहत अब यह मामला जस्टिस विवेक अग्रवाल की अध्यक्षता वाली युगलपीठ के समक्ष सुनवाई के लिए लगेगा।
दरअसल, याचिकाकर्ताओं की ओर से त्वरित सुनवाई की मांग की गई थी। न्यायालय को बताया गया था कि सीबीआई द्वारा अयोग्य घोषित किए गए 117 नर्सिंग कालेजों के छात्रों की परीक्षाएं 27 अप्रैल से प्रस्तावित हैं। यदि समय रहते हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हुई तो हजारों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। इसे गंभीरता से लेते हुए चीफ जस्टिस ने नई व्यवस्था दे दी। मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी। दरअसल, 2022 में ला स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की थी। इसमें प्रदेश के निजी नर्सिंग कालेजों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा, मानकों की अनदेखी और अवैध मान्यता का आरोप लगाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पहले सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। बाद में कई कालेजों को अयोग्य घोषित किया गया। नौ अप्रैल को कोर्ट ने वर्ष 2024 में जीएनएम परीक्षा देने वाले करीब 30 हजार छात्रों के परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी।
