ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक घेरेबंदी को बड़ी सफलता करार दिया

वाशिंगटन, 21 अप्रैल (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान पर लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों को अपनी बड़ी जीत बताते हुए कहा कि ईरान के पास अब अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान में अपने प्रतिनिधि भेजने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है।

श्री ट्रंप ने सीएनबीसी से बात करते हुए युद्धविराम वार्ता को लेकर आशा व्यक्त की, लेकिन साथ ही कड़े तेवर भी दिखाए। उन्होंने कहा, “अमेरिका को अंततः एक बेहतरीन डील मिलेगी।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि हम बहुत अच्छे लोगों के साथ डील नहीं कर रहे हैं, लेकिन अमेरिका इन मामलों को सफलतापूर्वक संभाल रहा है। उन्होंने नौसैनिक घेराबंदी को ‘जबरदस्त सफलता’ करार दिया।

जब श्री पूछा गया कि क्या बातचीत में प्रगति होने पर वह युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर विचार करेंगे, तो उन्होंने दोटूक जवाब दिया, “मैं ऐसा नहीं करना चाहता।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा, “मैं बमबारी की उम्मीद करता हूँ क्योंकि वह बेहतर रवैया होगा।” उन्होंने आगाह किया कि समझौता करने के लिए अब ‘अधिक समय’ नहीं बचा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि समझौता हो जाता है, तो ईरान खुद को ‘बहुत अच्छी स्थिति’ में पा सकता है।

श्री ट्रंप ने पश्चिमी एशिया के देशों और नाटो सदस्यों के बीच तुलना करते हुए कहा कि पश्चिमी एशिया के देश कहीं अधिक भरोसेमंद सहयोगी साबित हुए हैं। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को ‘एक अच्छा सहयोगी’ बताया और कहा कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर उनके साथ खड़ा रहेगा।

यूरोप के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए श्री ट्रंप ने कहा कि वह अमेरिका को नाटो से बाहर निकालने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं, क्योंकि यूरोपीय सहयोगियों ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल अभियान में शामिल होने से इनकार कर दिया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोत तैनात न करने के यूरोप के फैसले के बाद वह अब उन्हें विश्वसनीय रक्षा भागीदार नहीं मानते हैं। उन्होंने नाटो पर निशाना साधते हुए कहा, “हमें उनकी कभी जरूरत नहीं पड़ेगी। वास्तव में, उन्हें हमारी सख्त जरूरत है क्योंकि वे सिर्फ कागजी शेर हैं।”

संघर्ष विराम को लेकर तनाव की खबरों के बीच श्री ट्रंप ने आर्थिक मोर्चे पर भी संकेत दिए। उन्होंने कहा कि संघर्ष के दौरान अमेरिका का साथ देने वाले खाड़ी देशों को अमेरिका आर्थिक सहायता और ‘करेंसी स्वैप’ की सुविधा दे सकता है।

श्री ट्रंप ने सऊदी अरब की प्रशंसा करते हुए कहा, “वे हमारी मदद कर रहे हैं, वे जलडमरूमध्य और हर जगह हमारी सहायता कर रहे हैं।”

 

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