सीबीआई ने साइबर धोखाधड़ी मामले के मुख्य साजिशकर्ता को किया गिरफ्तार

नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने साइबर धोखाधड़ी मामले में हासिल किए गए सिम कार्ड खरीदने और बांटने में शामिल मुख्य साजिशकर्ता को गुवाहाटी में गिरफ्तार कर लिया है। सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोपी की पहचान उबैद उल्लाह के रूप में की है। यह गिरफ्तारी ‘ऑपरेशन चक्र-5’ के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य देश में संगठित साइबर अपराध की कमर तोड़ना है। सीबीआई एक ऐसे मामले की जांच कर रही है जिसमें ‘विक्रय केंद्र’ (पीओएस) एजेंट शामिल थे, जो गैर-कानूनी तरीके से सिम कार्ड जारी करने का काम कर रहे थे और फर्जी डिजिटल गिरफ्तारी, लोन घोटाले और निवेश धोखाधड़ी जैसे अपराधों में लिप्त साइबर अपराधियों की मदद कर रहे थे। आठ राज्यों में जांच के दौरान लगभग 45 जगहों पर तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप फर्जी या गैर-कानूनी तरीके से हासिल किए गए सिम कार्ड जारी करने में शामिल विक्रय केंद्रों के 10 आरोपी एजेंटों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपी गुवाहाटी में गैर-कानूनी तरीके से जारी किए गए सिम कार्डों के एग्रीगेटर (जमा करने वाला) के तौर पर काम करता था और अगस्त 2025 से फरार चल रहा था। उसे 19 अप्रैल, 2026 की सुबह गिरफ्तार किया गया था। जांच से पता चला है कि आरोपी ने लगभग 10,000 गैर-कानूनी तरीके से जारी किए गए सिम कार्ड खरीदने के लिए कई बैंक खातों के जरिए विक्रय केंद्र के एजेंटों को लगभग 67 लाख रुपये स्थानांतरित किए थे। इन सिम कार्डों को हासिल करने के लिए इस्तेमाल किए गए कूरियर लेन-देन से जुड़े सबूत भी मिले हैं। यह अभियान संगठित साइबर अपराध से निपटने के लिए सीबीआई की मजबूत प्रतिबद्धता को दिखाता है, जिसके तहत वह अपराध को बढ़ावा देने वाले बुनियादी ढांचे को निशाना बनाती है।

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