भारत ने लेबनान-इजरायल संघर्ष विराम का स्वागत किया

नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (वार्ता) भारत ने इज़रायल और लेबनान के बीच दस दिन के संघर्ष विराम का समर्थन करते हुए स्थायी शांति के लिए किये जा रहे कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में इस कूटनीतिक प्रगति का स्वागत करते हुए कहा, “भारत युद्धविराम और शांति की दिशा में उठाए गए हर कदम का स्वागत करता है।” हमास के संबंध में उन्होंने कहा, “भारत के पास एक निर्धारित प्रक्रिया है और इन मुद्दों का समाधान उसी प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाता है।”

भारत का यह बयान इज़रायल और लेबनान के बीच 10 दिन के युद्ध विराम के लागू होने के बाद आया है, जो गुरुवार से प्रभावी हुआ। यह युद्ध विराम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वे इज़रायल और लेबनान के नेतृत्व के बीच ऐतिहासिक बैठक कराने के प्रयास में हैं।
इस युद्ध विराम को व्यापक रूप से वाशिंगटन के नेतृत्व में चल रहे कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य तेहरान से जुड़े संघर्ष को समाप्त करना है। ईरान ने वार्ताओं के दौरान अपने रुख पर कायम रहते हुए कहा है कि किसी भी समझौते में लेबनान के प्रति शत्रुता समाप्त करना भी शामिल होना चाहिए।

पाकिस्तान की संभावित मध्यस्थता की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर श्री जायसवाल ने संकेत दिया कि भारत स्थिति पर करीबी नज़र रख रहा है। उन्होंने कहा, “हम पश्चिम एशिया के युद्ध से जुड़े सभी घटनाक्रमों पर नज़दीकी नजर रख रहे हैं।” मौजूदा संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका-इज़रायल के सैन्य अभियान से हुई, जिसके कुछ दिनों बाद 2 मार्च को हिज़्बुल्ला द्वारा इज़रायल पर रॉकेट हमले किए जाने के बाद लेबनान भी इस संघर्ष में शामिल हो गया।

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