उज्जैन: भरतपुरी स्थित पुराने आरटीओ भवन को रिनोवेशन के बाद सिटी ट्रांसपोर्ट ऑफिस के रूप में तैयार किया जा रहा है. ये बिल्डिंग उज्जैन विकास प्राधिकरण की ही है, और इसी विभाग के सीईओ संदीप सोनी को उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट का सीईओ बनाया गया है. यहां का आरटीओ दफ्तर दाऊदखेड़ी शिफ्ट हो गया है.
रिनोवेट होने के बाद भरतपुरी का यह कार्यालय सिटी बस संचालन के उपयुक्त रहेगा, यहां काफी जगह है,आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में संचालित किया जाएगा.
सोनी ड्राइविंग सीट पर
सिटी बस संचालन से लेकर मॉनीटरिंग तक पूरी व्यवस्था की कमान संदीप सोनी को सौंपी गई है. इंदौर नगर निगम में पदस्थ रहने के दौरान सिटी बस संचालन का श्री सोनी को अनुभव है. उज्जैन विकास प्राधिकरण के माध्यम से 15 से अधिक सड़के पुल और अन्य विकास कार्य निर्माण कार्य भी यूडीए द्वारा किए जा रहे हैं. ऐसे में शहर में जब सिटी बस संचालन होगा तो काफी हद तक रूट्स पर मदद मिलेगी.
100 इलेक्टि्रक बसें आएंगी
नई परिवहन नीति के तहत 100 इलेक्टि्रक सिटी बसों के संचालन की तैयारी तेज हो गई है. इन बसों के संचालन, प्रबंधन और मॉनिटरिंग के लिए लगभग 160 से 180 कर्मचारियों का स्टाफ तैनात किया जाएगा, जिसमें अधिकांश कर्मचारी भोपाल से आएंगे, जबकि कुछ की नियुक्ति स्थानीय स्तर पर भी की जाएगी.
राज्य परिवहन निगम पुनर्जीवित
मध्यप्रदेश में बंद हो चुके राज्य परिवहन निगम को पुनर्जीवित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन के तहत यह बड़ा कदम माना जा रहा है. योजना को क्रियान्वित करने में जनसंपर्क आयुक्त मनीष सिंह की अहम भूमिका है.
उज्जैन से नवाचार
सीएम के गृह नगर उज्जैन से इस नवाचार की शुरुआत होगी, जहां से इलेक्टि्रक बसों का संचालन सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा को डायरेक्टर की जिम्मेदारी भी दी गई है. प्राइवेट बस संचालकों से भी अनुबंध होगा और नई परिवहन नीति के तहत निजी बसें भी सरकारी स्तर पर चलाई जाएंगी.
पुराने डिपो का रिनोवेशन
बसों के लिए मक्सी रोड स्थित पुराने डिपो को विकसित कर आधुनिक चार्जिंग स्टेशन और वर्कशॉप तैयार की जा रही है,जिसकी राशि लगभग 15 करोड़ रुपए है. यहां बसों की पार्किंग, मेंटेनेंस की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी. इसके लिए विद्युत विभाग को लगभग 4 करोड़ 35 लाख रुपये जमा किए जा चुके हैं, जबकि ट्रांसको लिमिटेड को करीब डेढ़ करोड़ रुपये की राशि दी गई है.
9 मीटर लंबी बसे
दिल्ली की ग्रीन सेल मोबिलिटी कम्पनी से 100 बसे उज्जैन आएंगी ,9 मीटर लंबाई की आधुनिक इलेक्टि्रक बसें उज्जैन में चलाई जाएंगी, जिनके संचालन के लिए नगर निगम और ठेकेदार के बीच लिखित अनुबंध किया जाएगा. इसमें राजस्व वितरण और संचालन की शर्तें स्पष्ट रूप से तय होंगी.
