इस्लामाबाद, 16 अप्रैल (वार्ता) पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता लिए कोई नई तारीख तय नहीं की गई है।
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने अपनी साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि परमाणु मुद्दे उन विषयों में से हैं जिन पर देशों द्वारा चर्चा की जा रही है।
श्री अंद्राबी ने कहा, “हम ईरान और वार्ता में शामिल पक्षों के रुख पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे क्योंकि यह दोनों पक्षों को हम पर भरोसे का हिस्सा है।” उन्होंने मीडिया से अटकलों से बचने का आग्रह करते हुए कहा कि वार्ता पूरी गोपनीयता के साथ जारी है।
जब उनसे दूसरे दौर की बातचीत के लिए प्रतिनिधिमंडल के बारे में पूछा गया, तो श्री अंद्राबी ने सवाल को टालते हुए कहा कि कौन आएगा, प्रतिनिधिमंडल कितना बड़ा होगा, कौन रुकेगा और कौन जाएगा यह दोनों पक्षों को तय करना है। उन्होंने आगे कहा कि बातचीत के विवरण और जानकारी हमें वार्ता में शामिल पक्षों द्वारा सौंपी गई थी।
इज़रायल और लेबनान के हिज़्बुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच शांति आवश्यक है।
पश्चिम एशिया संघर्ष में मध्यस्थ के रूप में सामने आया पाकिस्तान पिछले सप्ताह इस्लामाबाद वार्ता के असफल होने के बाद अमेरिका और ईरान दोनों को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिश कर रहा है।
फिलहाल, देश का नागरिक और सैन्य नेतृत्व दोनों ही क्षेत्र में उच्च स्तरीय कूटनीति में सक्रिय रूप से शामिल हैं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सऊदी अरब, कतर और तुर्की के चार दिवसीय दौरे पर रवाना हो चुके हैं जबकि पाकिस्तानी सेना के प्रमुख सैयद आसिम मुनीर ईरान में एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच एक महीने से अधिक समय तक चले संघर्ष के बाद आठ अप्रैल को हुई दो सप्ताह की युद्धविराम संधि 22 अप्रैल को समाप्त होने वाली है जो फिलहाल लागू है लेकिन बहुत अस्थिर है।
न्यूयॉर्क पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत अगले दो दिनों में फिर से शुरू हो सकती है और हम पाकिस्तान जाने के लिए अधिक इच्छुक हैं।
ईरान ने बुधवार को कहा कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका के साथ बातचीत जारी रही। ईरान ने फील्ड मार्शल मुनीर की तेहरान यात्रा को इस्लामाबाद में हुई चर्चाओं की निरंतरता बताया।
शुरुआत में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बातचीत की प्रक्रिया गहन थी और उन्होंने आगे कहा कि “वाशिंगटन और तेहरान दोनों के साथ निरंतर बातचीत के माध्यम से, इस्लामाबाद ने संवाद को प्रोत्साहित करने, संदेशों के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने और सार्थक बातचीत के लिए अनुकूल परिस्थितियां और स्थान बनाने में मदद करने की कोशिश की है।”
11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में आयोजित वार्ता के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “वार्ता 21 घंटे तक चली, यही वास्तविक बातचीत की अवधि थी। प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही और भोजन और कॉफी के लिए लिए गए संक्षिप्त विरामों को भी गिनें तो कुल मिलाकर यह प्रक्रिया लगभग 30 घंटे तक चली।”
उन्होंने कहा, “इस प्रकार, संपूर्ण वार्ता प्रक्रिया दायरे और समयसीमा दोनों के संदर्भ में गहन एवं व्यापक थी।”
