तेहरान, 16 अप्रैल (वार्ता) ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि देश पर थोपे गए “गैरकानूनी युद्ध के निर्णायक और स्थायी अंत की शर्तें” उनकी प्राथमिकता हैं और अमेरिकी मीडिया में उसके रुख को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “ईरान की स्थिति को अमेरिकी मीडिया गलत ढंग से प्रस्तुत कर रहा है। हम पाकिस्तान के प्रयासों के लिए आभारी हैं और हमने कभी इस्लामाबाद जाने से इनकार नहीं किया। हमारे लिए अहम यह है कि हम पर थोपे गए इस गैरकानूनी युद्ध का निर्णायक और स्थायी अंत किन शर्तों पर होगा।” श्री अराघची ने बुधवार को तेहरान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात के दौरान यह बात कही। उन्होंने अमेरिका-ईरान वार्ता की मेजबानी के लिए पाकिस्तान का आभार भी जताया। उच्चस्तरीय राजनीतिक-सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे श्री मुनीर के साथ पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय, सुरक्षा संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। श्री अराघची ने एक्स पर पोस्ट में कहा, “संवाद की मेजबानी के लिए पाकिस्तान का आभार व्यक्त किया, जो हमारे गहरे द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है। क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता मजबूत और साझा है।”
अमेरिका का संदेश लेकर पाकिस्तान का यह उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान में ईरानी अधिकारियों से बातचीत कर रहा है, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का नया दौर शुरू किया जा सके और पश्चिम एशिया में लगभग सात सप्ताह से जारी तनाव को कम किया जा सके। सात अप्रैल से लागू दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य अमेरिकी संदेश ईरानी नेतृत्व तक पहुंचाना और वार्ता के अगले दौर की रूपरेखा तैयार करना है। इससे पूर्व, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने पुष्टि की थी कि तेहरान पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करेगा और अमेरिका तथा ईरान के बीच अप्रत्यक्ष संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। इस बीच, अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रखी है और “अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए तैयार” होने की बात कही है। ईरान की सेना ने इस नाकेबंदी को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। बुधवार तक इस नाकेबंदी के कारण नौ जहाजों को वापस लौटाया जा चुका है। ईरान के संयुक्त सैन्य कमांडर अली अब्दोल्लाही ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका नाकेबंदी नहीं हटाता है तो तेहरान लाल सागर, खाड़ी और ओमान सागर के जरिए व्यापार को बाधित करने की कार्रवाई कर सकता है। वार्ता में मुख्य विवादित मुद्दों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण और युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा शामिल हैं।

