बीजिंग | रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मंगलवार को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे। रूसी विदेश मंत्रालय के अनुसार, लावरोव 14 और 15 अप्रैल को अपने चीनी समकक्ष वांग यी के साथ उच्च स्तरीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में न केवल रूस और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा होगी, बल्कि पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता को लेकर वैश्विक चिंताएं चरम पर हैं।
बीजिंग पहुंचने से पहले लावरोव ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात की थी, जिसमें ईरान ने अमेरिका की ‘भड़काऊ कार्रवाइयों’ को वैश्विक शांति के लिए खतरा बताया था। हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच भी बातचीत हुई है, जिसमें मिडिल ईस्ट के ताजा हालातों का जायजा लिया गया। रूस ने स्पष्ट किया है कि वह संघर्ष के राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान के लिए बीच-बचाव की कोशिशें जारी रखेगा। लावरोव की चीन यात्रा को इन शांति प्रयासों को वैश्विक मंच पर और मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
दूसरी ओर, चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने भी खाड़ी इलाके में शांति बहाल करने के लिए बीजिंग की प्रतिबद्धता दोहराई है। यूएई के क्राउन प्रिंस से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि चीन युद्ध खत्म करने और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत को बढ़ावा देने के लिए एक रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है। रूस और चीन, दोनों ही देश अमेरिका की क्षेत्रीय नीतियों पर नजर रखे हुए हैं और एक वैकल्पिक कूटनीतिक ढांचा तैयार करना चाहते हैं। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि लावरोव और वांग यी की यह मुलाकात आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की भू-राजनीति को नई दिशा दे सकती है।

