नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 135वीं अंबेडकर जयंती के पावन अवसर पर संसद परिसर के प्रेरणा स्थल पर भारत रत्न डॉ. बीआर अंबेडकर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस ऐतिहासिक दिन पर पीएम मोदी ने देश को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के संवैधानिक मूल्यों को याद करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है और लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या बढ़ाना देश के भविष्य के लिए सही कदम है।
प्रधानमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पत्र साझा करते हुए विज्ञान, नवाचार, खेल और साहित्य जैसे विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज स्टार्टअप जगत से लेकर अंतरिक्ष विज्ञान तक महिलाएं नेतृत्व की भूमिका में हैं, जो एक ‘शांत क्रांति’ का संकेत है। पीएम मोदी ने लखपति दीदियों और स्वयं सहायता समूहों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे आत्मनिर्भरता के जरिए महिलाएं समाज को सशक्त बना रही हैं। उन्होंने पुरानी रूढ़ियों को तोड़ रही युवा महिला एथलीटों का विशेष जिक्र करते हुए उनकी सफलता को करोड़ों लड़कियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का तार्किक निष्कर्ष पर पहुंचना जरूरी है ताकि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का सपना साकार हो सके। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए बताया कि सरदार पटेल ने दशकों पहले अहमदाबाद नगर पालिका में महिलाओं के लिए आरक्षण की दिशा में काम किया था। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब महिलाएं नीति निर्धारण और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सक्रिय हिस्सा लेंगी, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होगा और देश की आधी आबादी के साथ न्याय सुनिश्चित हो सकेगा।

