
गुना। शहर की स्वच्छता व्यवस्था सोमवार को पूरी तरह चरमरा गई। नगर पालिका के सभी 37 वार्डों में कचरा कलेक्शन करने वाले डोर-टू-डोर वाहनों के पहिए थम गए हैं। एरियर और बोनस भुगतान न होने से आक्रोशित ड्राइवरों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है।
हड़ताल कर रहे चालकों का कहना है कि वे पिछले एक साल से पुनरीक्षित वेतन और बकाया एरियर के भुगतान की मांग को लेकर नगरपालिका प्रशासन और कलेक्टर को कई बार लिखित आवेदन दे चुके हैं। ड्राइवरों के अनुसार, उन्होंने 8 अप्रैल को ही लिखित चेतावनी दे दी थी, लेकिन प्रशासन की अनदेखी के चलते उन्हें मजबूरन काम बंद करना पड़ा। ड्राइवरों ने ठेका कंपनी ‘डिवाइन मैनेजमेंट’ पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि 26 फरवरी से कंपनी ने उन्हें लॉगबुक भरने से रोक दिया था, लेकिन अब अचानक लॉगबुक भरने का दबाव बनाया जा रहा है। लॉगबुक में क्या हेरफेर किया गया है, इसकी जानकारी ड्राइवरों से साझा नहीं की जा रही है। समय पर वेतन न मिलना और गाड़ियों का मेंटेनेंस न होना बड़ी समस्या बन चुका है, जिससे बीच सड़क पर गाड़ियां खराब होने के कारण ड्राइवरों को परेशानी झेलनी पड़ती है। प्रदर्शन के दौरान ड्राइवरों ने नगरपालिका सीएमओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरोप लगाया गया कि प्रभारी सीएमओ ड्राइवरों की समस्याओं को सुनने के बजाय ठेकेदार का पक्ष ले रही हैं। ड्राइवरों का दावा है कि उन्हें कहा गया कि ठेकेदार अपना फायदा देखने आया है, ड्राइवरों की सुनने नहीं।
मामले में एक बड़ा खुलासा करते हुए ड्राइवरों ने बताया कि नगरपालिका के 37 वार्डों में 40 गाड़ियों पर 42 चालक तैनात हैं, जबकि 45 हेल्परों को पहले ही काम से हटाया जा चुका है। आरोप है कि नगरपालिका द्वारा ठेकेदार को इन हेल्परों का भुगतान अभी भी किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर कंपनी की जेब में जा रहा है। इस हड़ताल के चलते सोमवार को शहर भर में कचरा गाड़ियां नहीं पहुंचने से डस्टबिन लबालब भर गए हैं। यदि जल्द ही प्रशासन और ड्राइवरों के बीच बीच का रास्ता नहीं निकला, तो भीषण गर्मी के बीच शहर में गंदगी और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
