छतरपुर:केन-बेतवा लिंक परियोजना के डूब क्षेत्र और विस्थापन से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने मीडिया के माध्यम से प्रभावित ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मुआवजा सूची से नहीं छूटेगा और प्राप्त सभी शिकायतों का पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जा रहा है।
पन्ना के प्रभावितों की शिकायतों का होगा समाधान
कलेक्टर जैसवाल ने बताया कि पन्ना जिले के मझगांय और रूंझ परियोजना से प्रभावित लोगों द्वारा जो मुआवजा संबंधी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, उन्हें आवश्यक कार्यवाही के लिए स्थानीय प्रशासन (पन्ना) को प्रेषित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान के लिए छतरपुर और पन्ना प्रशासन के बीच निरंतर समन्वय बना हुआ है ताकि किसी भी ग्रामीण को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
छतरपुर के 14 गांवों में सर्वे की स्थिति
परियोजना के तहत छतरपुर जिले के जो 14 गांव प्रभावित हो रहे हैं, वहां वर्तमान में सर्वे का कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व और सिंचाई विभाग की टीमें धरातल पर बारीकी से काम कर रही हैं। सर्वे प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक भी वास्तविक हकदार मुआवजे की प्रक्रिया से वंचित न रहे।
अफवाहों पर न दें ध्यान, प्रशासन से करें संपर्क
कलेक्टर ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाहों के प्रभाव में न आएं। यदि किसी को सर्वे या पात्रता को लेकर कोई शंका है, तो वे सीधे संबंधित तहसील कार्यालय या जिला मुख्यालय पर अपनी बात रख सकते हैं। प्रशासन का लक्ष्य विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाकर परियोजना को गति देना है।
