सीहोर। देश में बढ़ते घरेलू रसोई गैस संकट के बीच सरकार अब वैकल्पिक व्यवस्था को तेजी से लागू करने के मूड में है. इसी क्रम में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) को बढ़ावा देने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं. जिन कॉलोनियों में पीएनजी पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां अब 10 दिनों के भीतर गैस सप्लाई शुरू कराना अनिवार्य किया जा रहा है. संकेत साफ हैं कि आगामी समय में एलपीजी सिलेंडर पर निर्भरता धीरे-धीरे खत्म की जा सकती है.
अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट कहा गया है कि जिन घरों तक पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां यदि उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन नहीं लेते हैं तो केंद्र सरकार के नियमों के तहत 3 माह के भीतर एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है. इस आदेश के बाद जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है. अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही वार्डवार सर्वे कराया जाएगा और गैस एजेंसियों से उपभोक्ताओं की सूची मंगवाकर यह जांच की जाएगी कि किन क्षेत्रों में पाइपलाइन होने के बावजूद नागरिकों द्वारा कनेक्शन नहीं लिए गए हैं.
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति बाधित होने की आशंका के चलते घरेलू एलपीजी संकट गहराता जा रहा है. ऐसे में सरकार देश में उपलब्ध प्राकृतिक गैस संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना चाहती है. पीएनजी न केवल सुरक्षित और किफायती मानी जाती है, बल्कि यह निरंतर सप्लाई का विकल्प भी देती है, जिससे सिलेंडर खत्म होने की समस्या से राहत मिलती है.
जिले में इस योजना को लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी है. पाइपलाइन वाली कॉलोनियों में शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को मौके पर ही कनेक्शन दिए जाएंगे. साथ ही जिन घरों ने अब तक कनेक्शन नहीं लिया है, उनकी सूची तैयार कर कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पडऩे पर ऐसे उपभोक्ताओं की एलपीजी बुकिंग पर रोक लगाने का भी प्रावधान रखा गया है. इस पूरे अभियान में जनप्रतिनिधियों को भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक लोग पीएनजी से जुड़ सकें. इधर, अस्थायी रूप से रहने वाले मजदूरों और छात्रों को राहत देने के लिए 5 किलो के छोटे एलपीजी सिलेंडर की सुविधा भी शुरू की गई है. यह सिलेंडर बिना एड्रेस प्रूफ के भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे माइग्रेंट लेबर को गैस संकट के दौरान परेशानी न उठाना पड़े. कनेक्शन शुल्क 1529 रुपए और रिफिल 585 रुपए तय किया गया है.
सरकारी संस्थानों के लिए भी अनिवार्य पीएनजी
सरकारी संस्थानों को भी इस बदलाव में प्राथमिकता दी जा रही है. आदेश के अनुसार पुलिस विभाग, डिफेंस कॉलोनियां, छात्रावास, ऑफिसर्स कॉलोनी सहित अन्य सरकारी परिसरों में जहां पाइपलाइन पहुंच चुकी है, वहां अनिवार्य रूप से पीएनजी कनेक्शन लिया जाएगा. इससे बड़े स्तर पर एलपीजी की खपत कम करने में मदद मिलेगी और घरेलू जरूरतों के लिए गैस की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी.
अब तक 1200 कनेक्शन शुरू
शहर में भी पीएनजी कनेक्शन का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. गेल गैस के प्रतिनिधि राहुल यादव के अनुसार करीब 3,800 से अधिक घरेलू कनेक्शन के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं. इनमें से लगभग 1,200 घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जबकि 360 घरों में सप्लाई भी शुरू हो गई है. शेष घरों में अगले एक महीने के भीतर कनेक्शन चालू करने की प्रक्रिया जारी है. कुल मिलाकर सरकार अब गैस वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में आगे बढ़ चुकी है. यदि यह योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आने वाले समय में पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर बीते दौर की बात बन सकते हैं.
