रायपुर, 11 अप्रैल (वार्ता) शादी-ब्याह के व्यस्त दौर में छत्तीसगढ़ में बड़ी संख्या में लोकल ट्रेनों के रद्द होने से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी ने शनिवार को इस फैसले को जनविरोधी बताते हुए यात्रियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है।
आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने रेलवे के निर्णय पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि बिलासपुर रेलवे जोन, जो देश में सर्वाधिक राजस्व देने वाले जोनों में शामिल है, वहीं पर 10 से अधिक लोकल और मेमू ट्रेनों का रद्द किया जाना यात्रियों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर–झारसुगड़ा रेलखंड में चौथी लाइन को अकलतरा स्टेशन से जोड़ने के कार्य के चलते 11 से 18 अप्रैल के बीच कई महत्वपूर्ण ट्रेन सेवाएं प्रभावित की गई हैं।
श्री कुर्मी के अनुसार इस अवधि में बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा और रायपुर के बीच संचालित कुल 14 ट्रेनें या तो पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं या आंशिक रूप से चलाई जा रही हैं। गोंदिया–झारसुगड़ा पैसेंजर को बीच मार्ग में समाप्त किया जा रहा है, जबकि कोरबा–रायपुर हसदेव एक्सप्रेस को सीमित कर पैसेंजर ट्रेन के रूप में संचालित किया जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब विवाह का सीजन अपने चरम पर है, तब इस प्रकार ट्रेनों का रद्द होना आम जनता की जरूरतों की अनदेखी है। कुर्मी ने आरोप लगाया कि रेलवे आम यात्रियों की सुविधाओं की बजाय निजी और कॉर्पोरेट हितों को प्राथमिकता दे रहा है।
उन्होंने कहा कि पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना या बीच में रोकना आम लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है, जबकि मालगाड़ियों और उद्योगों से जुड़ी सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। पार्टी ने रेलवे से मांग की है कि मौजूदा स्थिति पर पुनर्विचार कर यात्रियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं तत्काल लागू की जाएं।
